देश में बिजली की अधिकतम मांग में बुधवार को करीब 22 प्रतिशत की कमी आयी और यह 1,27,960 मेगावाट रह गई जो 20 मार्च को 1,63,720 मेगावाट थी

नई दिल्ली: देश में बिजली की अधिकतम मांग में बुधवार को करीब 22 प्रतिशत की कमी आयी और यह 1,27,960 मेगावाट रह गई जो 20 मार्च को 1,63,720 मेगावाट थी। बिजली की मांग में कमी कोरोना महामारी के बीच ‘लॉकडाउन’ के प्रभाव को बताती है।

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वास्तविक रूप से देखा जाए तो एक सप्ताह में बिजली मांग में करीब 35,000 मेगावाट की कमी आयी है।

कंपनियों की तरफ से मांग कम

बिजली की अधिकतम मांग में कमी का कारण उद्योग और राज्य बिजली वितरण कंपनियों की तरफ से मांग का कम होना है। इसकी वजह देशव्यापी लॉकडाउन के कारण वाणज्यिक प्रतिष्ठानों और उद्योग में कामकाज का पूरी तरह ठप होना है।

सरकार ने कोरोना वायरस महामारी से निपटने के लिये 21 दिन के ‘लॉकडाउन’ की घोषणा की है। मांग में कमी के कारण इंडियन एनर्जी एक्सचेंज में बुधवार की आपूर्ति के लिये बिजली दर तीन साल के न्यूनतम स्तर 60 पैसे प्रति यूनिट पर आ गयी।

(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)

(फाइल फोटो)