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इन चार कारणों की वजह से Stock Market Investors के डूब गए 1.5 लाख करोड़ रुपए

बांबे स्‍टॉक एक्‍सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्‍स (Sensex)  779.55 अंक या 1.33 फीसदी गिरकर 57,681.74 अंकों पर बंद हुआ। जबकि नेशनल स्‍टॉक का प्रमुख सूचकांक निफ्टी 50 (Nifty50) 211.40 अंक या 1.21 फीसदी की गिरावट के साथ 17,190 पर बंद हुआ।

Due to these four reasons, the stock market investors lost Rs 1.5 lakh crore
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New Delhi, First Published Dec 3, 2021, 6:51 PM IST
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बिजनेस डेस्‍क। पिछले दो दिनों में 2.5 फीसदी की शानदार बढ़त के बाद सप्‍ताह के आख‍िरी कारोबारी दिन शेयर बाजार (Share Market) एक फीसदी से ज्‍यादा की गिरावट देखने को मिली। आंकड़ों के अनुसार बांबे स्‍टॉक एक्‍सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्‍स (Sensex) 779.55 अंक या 1.33 फीसदी गिरकर 57,681.74 अंकों पर बंद हुआ। जबकि नेशनल स्‍टॉक का प्रमुख सूचकांक निफ्टी 50 (Nifty50 ) 211.40 अंक या 1.21 फीसदी की गिरावट के साथ 17,190 पर बंद हुआ। जिसकी वजह से निवेशकों को आज 1.50 लाख करोड़ रुपए से ज्‍यादा नुकसान हुआ है। आइए आपको भी उन पांच कारणों के बारे में बताते हैं जिन्‍होंने निवेशकों का नुकासान कराया है।

ऑमिक्रॉन
भारत में कोविड के नए वैरिएंट ऑमिक्रॉन ने एंट्री ले ली है। इस नए वायरण के दो मामले कर्नाटक में पुष्‍ट हो गए हैं। उन्होंने यह भी कहा है कि दोनों रोगियों के संपर्क में आए लोगों का पता लगा लिया गया है और उनकी टेस्टिंग की गई है। भारत दुनिया का 30वां देश बन गया है जिसने सबसे नए स्ट्रेन का पता लगाया है। कई रिपोर्टों के अनुसार ऑमिक्रॉन वायरस पहले से पहचाने गए COVID वायरस वैरिएंट  की तुलना में अधिक खतरनाक है। अब तक, ऐसा लग रहा है कि भारत में ऑमिक्रॉन वायरस के लिए स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन अगर यह फैलता है, तो यह बाजार को प्रभावित करेगा।

हैविवेट शेयर्स में गिरावट
आज शेयर बाजार के हैवीवेट शेयरों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। रिलायंस इंडस्ट्रीज बीएसई सेंसेक्स में 3 फीसदी की गिरावट के साथ दूसरी सबसे बड़ी गिरावट वाला शेयरा रहा। आईटीसी, एचडीएफसी और एचडीएफसी बैंक भी 1-1.5 फीसदी की गिरावट के साथ दबाव में थे। 5 बढ़ते शेयरों के मुकाबले बीएसई सेंसेक्स में करीब 25 शेयरों में गिरावट आई। वहीं राकेश झुनझुनवाला समर्थित स्टार हेल्थ एंड एलाइड इंश्योरेंस कंपनी का पूर्ण सदस्यता प्राप्त करने में विफलता भी बाजार में कमजोर धारणा का एक कारण हो सकता है।

सेक्‍टोरल इंडेक्‍स में भी गिरावट
बैंकिंग और फाइनेंश‍ियल सर्विस के साथ सभी प्रमुख सेक्‍टर्स में गिरावट देखने को मिली है। ऑटो सेक्‍टर के साथ कई सेक्‍टर्स में एक फीसदी के करीब गिरावट देखने को मिली है। मुनाफावसूली शुक्रवार की गिरावट की एक बड़ी वजह हो सकती है। निफ्टी ऑटो, आईटी और फार्मा सूचकांक भी 0.7 फीसदी से अधिक नीचे पर बंद हुए हैं।

आरबीआई नीति से पहले सावधानी
अगले हफ्ते आरबीआई की मॉनेटरी पॉलिसी की बैठक से पहले निवेशक सतर्क नजर आ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि रिवर्स रेपो और रेपो दर के बीच के अंतर में कमी हो सकती है, हालांकि आरबीआई नए कोविड वैरिएंट पर कड़ी नजर रखते हुए कोई बदलाव ना करें। जानकारों की मानें तो नीति निर्माण के मोर्चे पर, दुनिया भर के केंद्रीय बैंकर कोविड के नए वैरिएंट की शुरुआत से जूझ रहे हैं। कोटक महिंद्रा एसेट मैनेजमेंट कंपनी के लक्ष्मी अय्यर ने कहा, भारत सहित दुनिया भर में सामान्यीकरण का मार्ग शुरू हो गया है, और अभी इसके रुकने की संभावना कम है। उम्‍मीद है कि रिवर्स रेपो दर में 15 से 20 बेसिस अंकों की गिरावट देखने को मिले।

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