Emergency Fund Vs Health Insurance: पैसों की तंगी के वक्त इमरजेंसी फंड और हेल्थ इंश्योरेंस दोनों ही बहुत काम आते हैं। लेकिन भारी-भरकम मेडिकल बिलों से बचने के लिए आपको सबसे पहले हेल्थ इंश्योरेंस लेना चाहिए। इसके साथ ही, अचानक आने वाले खर्चों से निपटने के लिए धीरे-धीरे अपना इमरजेंसी फंड भी तैयार करते रहें।

Importance Of Health Insurance: अगर आपके पास पैसे कम हैं, तो पहले इमरजेंसी फंड बनाएं या हेल्थ इंश्योरेंस लें? ये सवाल अक्सर लोगों को कन्फ्यूज करता है। जब आपकी नौकरी चली जाए या अचानक पैसों की जरूरत पड़े, तब इमरजेंसी फंड काम आता है। वहीं, हेल्थ इंश्योरेंस आपको उन भारी-भरकम अस्पताल के बिलों से बचाता है, जो आपकी सालों की जमा-पूंजी एक झटके में खत्म कर सकते हैं।

दोनों हैं जरूरी, किसी एक को नहीं छोड़ सकते

इन दोनों में से किसी एक को चुनना सही तरीका नहीं है। मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) की गाइडलाइंस भी यही कहती हैं कि अचानक आने वाली मुश्किलों से निपटने के लिए आपके पास इमरजेंसी फंड होना चाहिए और मेडिकल जरूरतों के लिए हेल्थ इंश्योरेंस का होना भी उतना ही जरूरी है।

हेल्थ इंश्योरेंस को पहली प्राथमिकता क्यों दें?

इमरजेंसी फंड की अपनी कुछ सीमाएं होती हैं, इसलिए शुरुआत में हेल्थ इंश्योरेंस को ज्यादा अहमियत देनी चाहिए। मान लीजिए, आपके पास 1 लाख रुपये का इमरजेंसी फंड है। लेकिन अगर अचानक अस्पताल का बिल 4 लाख रुपये आ जाए, तो आपका फंड कम पड़ जाएगा। यहीं पर इंश्योरेंस आपके काम आता है। पॉलिसी की शर्तों के हिसाब से, इंश्योरेंस कंपनी अस्पताल के खर्च का बड़ा हिस्सा कवर कर लेती है और आपकी सेविंग्स बच जाती है।

ये सोचना भी गलत है कि पहले एक बड़ा इमरजेंसी फंड बना लें और फिर इंश्योरेंस लेंगे। इंश्योरेंस पॉलिसी में वेटिंग पीरियड (इंतजार की अवधि) जैसी कई शर्तें होती हैं। इसके अलावा, आप जितनी देरी से पॉलिसी लेंगे, आपकी उम्र उतनी ही बढ़ जाएगी और फिर कवरेज मिलने में दिक्कत आ सकती है। इसलिए पॉलिसी खरीदने से पहले इन सभी शर्तों को अच्छे से चेक कर लें।

इमरजेंसी फंड भी है बहुत जरूरी

अगर आपने इंश्योरेंस ले लिया है, तो इसका मतलब ये नहीं कि आपको इमरजेंसी फंड की जरूरत नहीं है। इंश्योरेंस हर तरह की आर्थिक परेशानी का हल नहीं है। नौकरी जाने, घर की मरम्मत या परिवार की दूसरी आर्थिक जरूरतों के लिए आपको कैश की जरूरत पड़ेगी ही।

इसे एक उदाहरण से समझते हैं। मान लीजिए, एक व्यक्ति की महीने की सैलरी 60,000 रुपये है और उसके जरूरी खर्च 35,000 रुपये हैं। अगर उसके पास कोई सेविंग नहीं है और दो महीने के लिए उसकी इनकम बंद हो जाए, तो उसे कर्ज लेना पड़ जाएगा। इसलिए, इंश्योरेंस के साथ-साथ मुश्किल वक्त के लिए इमरजेंसी फंड बनाना भी बहुत जरूरी है।

कैसे बनाएं अपना इमरजेंसी फंड?

अगर आपके पास हेल्थ इंश्योरेंस नहीं है, तो सिर्फ इसलिए इसे टालें मत कि आप अभी इमरजेंसी फंड बना रहे हैं। इसी तरह, ये भी मत सोचिए कि जब आपके पास 6 महीने के खर्च लायक पैसे जमा हो जाएंगे, तभी आप इमरजेंसी फंड शुरू करेंगे। आप इसे धीरे-धीरे भी बना सकते हैं। आपको कितना फंड चाहिए, ये आपकी नौकरी की सुरक्षा, आप पर निर्भर लोगों की संख्या और आपकी मौजूदा ईएमआई या कर्ज पर निर्भर करता है। जिनकी इनकम फिक्स नहीं है, उन्हें अपने इमरजेंसी फंड में ज्यादा पैसे रखने चाहिए।