फ्यूचर ग्रुप (Future Group) ने रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) के साथ डील पर सिंगापुर अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता अदालत (SIAC) के रोक के फैसले के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) में याचिका दाखिल कर राहत की मांग की है। 

बिजनेस डेस्क। फ्यूचर ग्रुप (Future Group) ने रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) के साथ डील पर सिंगापुर अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता अदालत (SIAC) के रोक के फैसले के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) में याचिका दाखिल कर राहत की मांग की है। बता दें कि अगस्त में फ्यूचर ग्रुप और रिलायंस से बीच एक सौदा हुआ था, जिसमें फ्यूचर ग्रुप को 24,713 करोड़ रुपए में अपना रिटेल कारोबार रिलायंस को के हाथों बेचना था। इस डील पर दुनिया की दिग्गज ई-कॉर्मस कंपनी अमेजन (Amazon) को आपत्ति है। अमेजन ने भी फ्यूचर ग्रुप में निवेश कर रखा है। अमेजन की याचिका पर सिंगापुर की मध्यस्थता अदालत ने इस डील पर रोक लगा दी। अब फ्यूचर रिटेल ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर करके यह गुहार लगाई है कि अमेजन के इस डील में हस्तक्षेप करने पर रोक लगाई जाए। यह जानकारी फ्यूचर रिटेल ने शनिवार को स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में दी। 

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पिछले सप्ताह दाखिल की थी कैविएट
रिलायंस-फ्यूचर ग्रुप (Reliance-Future Group) के बीच हुए सौदे पर रोक लगाने के लिए कहीं अमेजन (Amazon) दिल्ली हाईकोर्ट में केस फाइल न कर दे, इस आशंका की वजह से फ्यूचर रिटेल ने पिछले सप्ताह दो कैविएट याचिका दाखिल की थी। इसके जरिए फ्यूचर ग्रुप ने अदालत से आग्रह किया था कि अगर अमेजन उसके और रिलायंस के बीच हुए सौदे के खिलाफ कोई केस फाइल करता है तो इकतरफा सुनवाई कर कोई ऑर्डर जारी नहीं किया जाए। 

अगस्त में रिलायंस औऱ फ्यूचर ग्रुप के बीच हुई थी डील
रिलायंस और फ्यूचर ग्रुप के बीच अगस्त में 24713 कोरड़ रुपए की एक डील हुई थी, जिसके तहत फ्यूच ग्रुप का रिटेल, होलसेल और लॉजिस्टिक्स कारोबार रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड (RRVL) को बेचा जाना था। अमेजन इस डील का विरोध कर रहा है और उसने सिंगापुर की अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता अदालत (SIAC) में इसे चुनौती दी थी। मध्यस्थता अदालत ने अमेजन के पक्ष में फैसला सुनाते हुए इस सौदे पर अस्थायी रोक लगा दी थी।

सेबी-बीएसई के पास भी पहुंच चुकी है अमेजन
रिलायंस इंडस्ट्रीज और फ्यूचर ग्रुप के बीच हुए इस सौदे को रोकने की मांग को लेकर अमेजन बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) के पास भी पहुंच चुकी है। अमेजन ने SEBI और BSE से इस सौदे पर रोक लगाने की मांग की है। अमेजन ने इन्हें सिंगापुर मध्यस्थता अदालत के फैसले का हवाला भी दिया है। 

क्या कहना है रिलायंस और फ्यूचर का
सिंगापुर की अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता अदालत के इस फैसले के बावजूद रिलायंस इंडस्ट्रीज और फ्यूचर ग्रुप ने कहा है कि उनका यह सौदा भारतीय कानूनों के तहत हुआ है। दोनों ग्रुप का कहना है कि इस सौदे को समय पर पूरा किया जाएगा और इसे लेकर उन्होंने प्रतिबद्धता जताई है। 

अमेजन रिटेल बिजनेस पर पकड़ बनाना चाहती है मजबूत
भारत में अमेजन (Amazon) ऑनलाइन मार्केट में सबसे आगे है। उसके बाद फ्लिपकार्ट (Flipkart) का नाम आता है। अब अमेजन ऑफलाइन रिटेल मार्केट में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है। अमेजन ने प्राइवेट इक्विटी फंड समारा कैपिटल (Samara Capital) के साथ मिल कर 2018 में आदित्य बिरला ग्रुप (Aditya Birla Group) के सुपरमार्केट चेन (Supermarket Chain) का अधिग्रहण किया था। रिलायंस और फ्यूचर ग्रुप के बीच हुई डील से अमेजन को भारत के रिटेल मार्केट में टक्कर मिल सकती है। इसलिए वह इस सौदे के खिलाफ है। 

रिलायंस रिटेल में आना चाहती है आगे
रिलायंस रिटेल के इस समय देश में 12 हजार से ज्यादा स्टोर चल रहे हैं। मुकेश अंबानी का अभी सारा जोर रिटेल बिजनेस को मजबूत करने पर है। रिलायंस रिटेल का इक्विटी वैल्यूएशन फिलहाल 4.28 लाख करोड़ रुपए है। अभी तक करीब 8 कंपनियों ने इसमें निवेश किया है। मुकेश अंबानी इसकी हिस्सेदारी बेच कर 37 हजार करोड़ रुपए जुटा चुके हैं। इसके साथ ही रिलायंस रिटेल जियोमार्ट (JioMart) के साथ मिल कर ऑनलाइन डिलिवरी भी कर रही है।