Gen Z के कम शराब पीने से ग्लोबल शराब इंडस्ट्री को भारी नुकसान हुआ है। पिछले 4 सालों में 75 लाख करोड़ के घाटे के बाद, यह पीढ़ी मिलेनियल्स से 20% कम पी रही है। इस ट्रेंड से कंपनियां अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं।

नई दिल्ली: Gen Z, यानी आज के नौजवानों ने शराब कंपनियों की नींद उड़ा दी है. इनकी शराब से बढ़ती दूरी के चलते पिछले 4 सालों में ग्लोबल शराब इंडस्ट्री को करीब 75 लाख करोड़ रुपये का तगड़ा झटका लगा है. ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2021 की तुलना में 50 सबसे बड़ी शराब कंपनियों के शेयरों में 46% की गिरावट आई है. आंकड़े बताते हैं कि Gen Z के करीब 21.5% युवा तो शराब को हाथ भी नहीं लगाते. वहीं, 39% लोग कभी-कभार ही पीते हैं. और जो पीते भी हैं, वो सिर्फ नाम के लिए, न कि नशे के लिए. मिलेनियल्स पीढ़ी से तुलना करें तो Gen Z 20% कम शराब पी रही है. इसकी बड़ी वजहें भी हैं - जैसे शराब के नुकसान को लेकर बढ़ती जागरूकता, महंगी होती शराब, कुछ जगहों पर पाबंदी और शराब के अलावा दूसरे ड्रिंक्स का बढ़ता चलन.

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कंपनियां क्यों हैं परेशान?

अगर अधेड़ उम्र के लोग पीना कम करते तो शायद शराब कंपनियों को इतनी टेंशन नहीं होती. लेकिन यहां तो भविष्य के सबसे बड़े ग्राहक बनने वाले Gen Z ही शराब छोड़ रहे हैं. कंपनियों को डर है कि अगर यही ट्रेंड अगली पीढ़ी, यानी Gen Alpha में भी चला गया, तो दुनिया भर की शराब कंपनियों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है.