भारत में सोना रखने की कोई कानूनी सीमा नहीं है। पर, टैक्स जांच में विवाहित महिला 500g, अविवाहित 250g व पुरुष 100g सोना बिना सोर्स बताए रख सकते हैं। इससे ज़्यादा होने पर आय का स्रोत न बताने पर भारी टैक्स लगता है।
नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से एक साल तक सोना न खरीदने की अपील की है, ताकि गैर-जरूरी आयात कम करके देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सके। इस अपील के बाद, भारत में सोना रखने से जुड़े नियम एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं। वैसे तो भारत में सोना रखने की कोई कानूनी लिमिट नहीं है। लेकिन इनकम टैक्स की रेड जैसी कार्रवाई के दौरान जब्त किए जाने वाले सोने की मात्रा को लेकर सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (CBDT) ने साफ गाइडलाइंस बनाई हैं।

CBDT के नियमों के मुताबिक, एक शादीशुदा महिला 500 ग्राम तक सोना रख सकती है। वहीं, एक अविवाहित महिला के लिए यह सीमा 250 ग्राम है। पुरुषों (शादीशुदा या अविवाहित) के लिए यह लिमिट 100 ग्राम तय की गई है। नियम यह भी कहता है कि परिवार की इनकम या सामाजिक हैसियत देखे बिना, इस लिमिट के अंदर की ज्वैलरी को जब्त नहीं किया जाएगा।
अगर किसी के पास तय लिमिट से ज़्यादा सोना है, तो कुछ मामलों में छूट मिल सकती है। अगर आपने वेल्थ टैक्स रिटर्न में सोने की जानकारी दी है, तो आपको छूट मिल जाएगी। सोना खरीदने के लिए पैसे कहाँ से आए, इसका पक्का सोर्स (Income Source) बताने पर भी आप बच सकते हैं। इसके अलावा, परिवार के रीति-रिवाजों और परंपराओं को देखते हुए अधिकारी अपने विवेक से ज़्यादा सोना रखने की इजाज़त दे सकते हैं। लेकिन ध्यान रहे, यह छूट सिर्फ गहनों पर लागू होती है, सोने के सिक्कों या बिस्किट्स (Gold Bars) पर नहीं।
अब सवाल उठता है कि अगर आप सोर्स नहीं बता पाए तो क्या होगा? अगर आप अपने पास रखे सोने का सोर्स बताने में नाकाम रहते हैं, तो आपको भारी-भरकम टैक्स चुकाना पड़ सकता है। क्लियरटैक्स (ClearTax) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ऐसे सोने पर करीब 78% तक टैक्स लग सकता है, जिसमें 60% टैक्स, 25% सरचार्ज और 4% सेस शामिल है। इसके अलावा, टैक्स की रकम पर 10% जुर्माना भी लगाया जा सकता है। आसान भाषा में समझें तो, अगर आपके पास पक्के कागजात और इनकम का सोर्स है, तो आप कितना भी सोना रख सकते हैं। लेकिन, बिना हिसाब-किताब का सोना पकड़े जाने पर आपको इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है।
