RBI Polymer Notes: सरकार ने RBI को ₹10 और ₹20 के 1-1 अरब पॉलिमर नोटों के फील्ड ट्रायल की मंजूरी दी है। क्या पुराने कागजी नोट बंद होंगे? जानिए सरकार और RBI की पूरी योजना।
India New Notes 2026: भारत में जल्द ही ₹10 और ₹20 के नए तरह के नोट देखने को मिल सकते हैं। हालांकि, इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि मौजूदा कागजी नोट बंद होने जा रहे हैं। Business Standard की रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को ₹10 और ₹20 के 1-1 अरब (100 करोड़) पॉलिमर बैंकनोट फील्ड ट्रायल के लिए जारी करने की मंजूरी दे दी है।
पहले होंगे फील्ड ट्रायल, फिर होगा बड़ा फैसला
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में लिखित जवाब में बताया कि RBI के केंद्रीय बोर्ड की सिफारिश पर सरकार ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दी है। शुरुआती चरण में ₹10 और ₹20 के पॉलिमर नोटों का फील्ड ट्रायल किया जाएगा। यदि परीक्षण सफल रहता है, तो RBI भविष्य में इन मूल्यवर्ग के पॉलिमर नोट नियमित रूप से जारी कर सकता है।
हालांकि, सरकार ने साफ किया है कि कागज के नोटों को पूरी तरह हटाने की कोई योजना नहीं है। पॉलिमर और पेपर, दोनों तरह के नोट साथ-साथ चलेंगे।
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आखिर क्यों आ रहे हैं पॉलिमर नोट?
Business Standard के मुताबिक, RBI पिछले कुछ समय से पॉलिमर नोटों पर विचार कर रहा है। इन नोटों की सबसे बड़ी खासियत इनकी लंबी उम्र मानी जाती है। अंतरराष्ट्रीय अध्ययनों के अनुसार, पॉलिमर नोट सामान्य कागजी नोटों की तुलना में काफी अधिक समय तक टिकते हैं, जिससे बार-बार नए नोट छापने की जरूरत कम हो सकती है।
RBI की FY25 वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, 2024-25 में करेंसी नोटों की सुरक्षित छपाई पर ₹6,372.8 करोड़ खर्च हुए, जो पिछले वित्त वर्ष के ₹5,101.4 करोड़ से अधिक हैं।
भारत पहले भी कर चुका है कोशिश
भारत ने पहली बार 2012 में पॉलिमर नोट लाने की कोशिश की थी, लेकिन उस समय तकनीकी चुनौतियों के कारण योजना आगे नहीं बढ़ सकी। दुनिया के करीब 60 देशों में पॉलिमर नोट पहले से चलन में हैं। ऑस्ट्रेलिया ने 1988 में सबसे पहले इन्हें अपनाया था, जबकि कनाडा, सिंगापुर, मलेशिया और रोमानिया जैसे देश भी इस तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं।
RBI ने यह भी स्पष्ट किया है कि पॉलिमर नोटों का डिजिटल भुगतान पर क्या प्रभाव पड़ेगा, इसका आकलन नियमित जारी होने के बाद ही किया जा सकेगा। फिलहाल नकदी और डिजिटल भुगतान दोनों को एक-दूसरे के पूरक माध्यम माना जा रहा है।
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