बिजनेस डेस्क। इस वित्त वर्ष के दौरान सरकार नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड (NFL) और नेशनल केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स (RCF) में हिस्सेदारी बेचेगी। सरकार ने नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड में 20 फीसदी और नेशनल केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स में 10 फीसदी हिस्सेदारी बेचना तय किया है। सरकार का लक्ष्य इससे 900 करोड़ रुपए जुटाना है। 

बोलियां की गई हैं आमंत्रित
इन दोनों सरकारी कंपनियों में हिस्सेदारी की बिक्री के लिए निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग ने मर्चेंट बैंकरों से बोलियां आमंत्रित की है। सरकार की अभी एनएफएल में 74.71 फीसदी और आरसीएफ में 75 फीसदी हिस्सेदारी है। 

क्या है इन कंपनियों का मुनाफा
नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड (NFL) इस वित्त वर्ष में 198 करोड़ रुपए मुनाफा कमाया है। सितंबर 2020 में कंपनी की नेटवर्थ 2,117 करोड़ रुपए आंकी गई थी। वित्त वर्ष 2019-20 में नेशनल केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स (RCF) का शुद्ध लाभ 208.15 करोड़ रुपए और मार्च 2020 में कंपनी के नेटवर्थ 3,186.27 करोड़ रुपए आंकी गई। 

क्या है विनिवेश लक्ष्य
मौजूदा बाजार मूल्य पर नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड में 20 फीसदी हिस्सेदारी की बिक्री से सरकार को 500 करोड़ रुपए हासिल होंगे। वहीं, नेशनल केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स में 10 फीसदी हिस्सेदारी की बिक्री से 400 करोड़ रुपए मिलेंगे। इस तरह, दोनों कंपनियों में विनिवेश से 900 करोड़ रुपए की प्राप्ति होगी। सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और वित्तीय संस्थानों में हिस्सेदारी की बिक्री से 2021-22 में 1.75 लाख करोड़ रुपए जुटाने का लक्ष्य रखा है। वहीं, 2 सरकारी बैंक और 1 बीमा कंपनी में भी हिस्सेदारी बेची जानी है।