Small Savings Schemes: लगातार 11वीं तिमाही छोटी बचत योजनाओं की ब्याज में कोई बदलाव नहीं हुआ। अगर आप बिना रिस्क निवेश चाहते हैं, तो चेक करें 11 सरकारी योजनाओं के नए रेट्स

Small Savings Schemes Interest Rates: त्योहारी सीजन में अगर आप बिना किसी रिस्क के सुरक्षित जगह निवेश करने का प्लान बना रहे हैं, तो केंद्र सरकार की तरफ से नया अपडेट आ गया है। वित्त वर्ष 2026-27 की तीसरी तिमाही अक्टूबर से दिसंबर 2026 के लिए पोस्ट ऑफिस और छोटी बचत योजनाओं (Small Savings Schemes) की ब्याज दरों का ऐलान कर दिया गया है। सरकार ने लगातार 11वीं तिमाही में इन योजनाओं की दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। आखिरी बार दिसंबर 2023 में इनमें बढ़ोतरी की गई थी। आइए जानते हैं कि अक्टूबर से दिसंबर की इस तिमाही में किस सरकारी स्कीम में आपका पैसा सबसे तेजी से बढ़ेगा और किसमें सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा...

सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाली स्मॉल सेविंग स्कीम्स

  • सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) बेटियों के सुरक्षित भविष्य के लिए चलाई जाती है। इस योजना पर सबसे ज्यादा 8.2% का सालाना ब्याज मिल रहा है।
  • सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) 60 साल या उससे ज्यादा उम्र के नागरिकों के लिए चलाई जाती है, जहां सरकार 8.2% का रिटर्न दे रही है।

सरकारी छोटी बचत योजनाओं में कहां कितना ब्याज?

सुकन्या समृद्धि योजना (SSY)- 8.2%

सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम (SCSS)-8.2%

नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC)- 7.7%

पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट (5 साल की FD)- 7.5%

किसान विकास पत्र (KVP)- 7.5%

पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम (MIS)-7.4%

पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF)- 7.1%

पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट (3 साल)- 7.1%

पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट (2 साल)- 7.0%

पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट (1 साल)- 6.9%

पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट- 4.0%

PPF क्या अभी भी फायदेमंद है?

नौकरीपेशा और मिडिल क्लास निवेशकों की सबसे पसंदीदा स्कीम पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) पर इस बार भी ब्याज दर 7.1% पर ही बरकरार रखी गई है। हालांकि, कई निवेशक लंबे समय से इसे 7.5% से ऊपर ले जाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन PPF का सबसे बड़ा फायदा इसका EEE (Exempt-Exempt-Exempt) स्टेटस है। यानी इसमें जमा की जाने वाली रकम, मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी का पूरा पैसा तीनों पूरी तरह टैक्स फ्री होते हैं। इसलिए बिना टैक्स कटे 7.1% का रिटर्न बैंक की आम टैक्सेबल एफडी से आज भी कई मामलों में बेहतर साबित होता है।