कोरोना महामारी और रूस-यूक्रेन युद्ध का असर भारत पर भी पड़ा है. कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि ने परिवहन लागत बढ़ा दिया है, जिससे होम लोन काफी महंगे हो गए हैं. कई बैंकों ने ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर दी है. लेकिन जानकारों के अनुसार अभी भी ज्यादा देरी नहीं हुई है. एक साल के बाद यह रेट और बढ़ सकते हैं. 

नई दिल्लीः अपने सपनों का आशियाना हर आम आदमी का सपना होता है. इसे लेने से पहले लोग इंटीरियर से लेकर प्रोजेक्ट तक को बड़े गौर से देखते हैं. होम लोन पर भी लोगों की निगाहें टिकी रहती हैं. लेकिन कोरोना महामारी के दौरान से ही होम लोन (Home Loan) की दरों में काफी इजाफा हुआ है. दरों में इजाफा होने का कारण रूस-यूक्रेन युद्ध भी है. हालात ये हैं कि घरों में लगनेवाली ईंट, सीमेंट, सरिया से लेकर बिजली के लिए जरूरी तार भी महंगे हो गए हैं. जिसका नतीजा है कि घर खरीदना मुश्किल होता जा रहा है. कई बैंकों ने होम लोन के रेट्स बढ़ा दिए हैं. लेकिन जानकार कहते हैं कि अभी भी बहुत देरी नहीं हुई है.

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घर खरीदने में बढ़ी दिलचस्पी
प्रोपर्टी इंवेस्टमेंट एक्सपर्ट का मानना है कि कोरोना महामारी के दौरान से ही लोगों ने घर खरीदने की तरफ दिलचस्पी दिखाई है. क्वारंटीन और वर्क फ्रॉम होम के ऑप्शन ने लोगों को यह राह दिखाई है. इस कारण मार्केट में डिमांड काफी बढ़ गई. डिमांड बढ़ने के साथ ही प्रोपर्टी और होम लोन भी महंगा हो गया. वहीं रूस और युक्रेन युद्ध से कच्चे तेल में उतार चढ़ाव का असर अन्य देशों की तरह भारत में भी पड़ा है. इससे परिवहन लागत में बढ़ोतरी दर्ज की गई है. इसके कारण सीमेंट, स्टील वगैरह महंगे हो गए हैं. 

अब भी नहीं हुई देरी
इन सबके बीच एक खुशखबरी भी है. बढ़ते दामों के बीच परेशान होने की जरूरत नहीं है. जानकारी दें कि रिजर्व बैंक ने हाल ही में रेपो रेट 0.40 फीसदी की बढ़ोतरी की है. लेकिन अभी भी होम लोन के लिए ब्याज दर कम है. केंद्र सरकार ने एक साल 31 मार्च 2022 से लेकर 31 मार्च 2023 तक के लिए कम जोखिम वाले भार को बढ़ा दिया है. इसका सीधा मतलब यह है कि हाउसिंग सेक्टर में अभी रुपये की कमी नहीं होगी. इसलिए नए ग्राहकों को कम ब्याज दरों में होम लोन मिल जाएगा. लेकिन यह जानना जरूरी है कि कच्चे माल में हुई 20 से 30 फीसदी की वृद्धि के कारण डेवलपर्स ने अपने प्रोजेक्ट रेट में भी इजाफा किया है. मार्च 2023 के बाद रेट में बदलाव हो सकते हैं. 

घर खरीदने से पहले यह भी जानें
इसमें कोई दो राय नहीं है कि मकान की कीमतें बढ़ी हैं. लेकिन लोगों की आमदनी में भी इजाफा हुआ है. ऐसे में जरूरी है कि आप अपनी लागत के अनुसार ही घर पसंद करें. डेवलपर्स का चनाव भी सही तरीके से करें. जितनी वार्षिक आमदनी हो उससे पांच गुना ज्यादा कीमत का ही मकान खरीदें. अगर आपकी आमदनी 10 लाख रुपये सालाना है, तो 50 लाख रुपये का घर खरीदें. आरबीआई (RBI) द्वारा रेपो रेट में बढ़ोतरी के कारण की बैंकों ने होम लोन की दर बढ़ा दी है. इसलिए जांच परख कर ही बैंक का भी चुनाव करें. 

इन बैंकों ने किया ब्याज दरों में इजाफा
एचडीएफसी (HDFC), कैनरा बैंक (Canara Bank), बैंक ऑफ महाराष्ट्रा (Bank Of Maharashtra), इंडियन ओवरसीज बैंक (IOB), करुड़ वैश्य बैंक ने लोन रेट में बदलाव किए हैं. इन बैंकों ने लोन रेट्स में 0.15 से ज्यादा की बढ़ोतरी की है. ऐसे में आंकड़े भी समझ लीजिए. 30 लाख के मकान को 20 सालों तक के लिए लेने पर पहले 6.75% के ब्याज दर के अनुसार 22,811 रुपये प्रतिमाह लगते थे, जिसका अब 7.15% ब्याज दर के अनुसार 23,530 रुपये ईएमआई देने होंगे. वहीं 75 लाख रुपये का लोन लेने पर पहले 57,027 रुपये देने होते थे लेकिन अब 58,825 रुपये ईएमआई देने होंगे. जानकारों के अनुसार यह रेट अगले साल बढ़ भी सकते हैं.