केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने ग्रीस के विकास मंत्री ताकिस थेओडोरिकाकोस से मुलाकात कर आर्थिक साझेदारी मजबूत करने पर चर्चा की। दोनों देश व्यापार, निवेश, मैन्युफैक्चरिंग और स्टार्टअप में सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुए। लक्ष्य 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार दोगुना करना है।

नई दिल्ली [भारत], 29 जून (एएनआई): केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने ग्रीस के विकास मंत्री ताकिस थेओडोरिकाकोस के साथ एक अहम बैठक की। इस बैठक का उद्देश्य दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करना था। मंत्री द्वारा दिए गए एक बयान में यह जानकारी दी गई।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

अपने एक्स अकाउंट पर उन्होंने साझा किया, "ग्रीस के विकास मंत्री श्री ताकिस थेओडोरिकाकोस के साथ एक सार्थक बैठक हुई।"

गोयल ने कहा कि दोनों पक्षों ने बेहतर व्यापार, निवेश, औद्योगिक सहयोग और मजबूत सप्लाई चेन के माध्यम से भारत-ग्रीस आर्थिक साझेदारी को बढ़ावा देने पर चर्चा की। उन्होंने कहा, "हमने बेहतर व्यापार, निवेश, औद्योगिक सहयोग और मजबूत सप्लाई चेन के माध्यम से भारत-ग्रीस आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने पर चर्चा की।"

उन्होंने आगे कहा कि आपसी विकास के लिए मैन्युफैक्चरिंग, स्टार्टअप और उभरती टेक्नोलॉजी में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। उन्होंने कहा, "हमने दोनों देशों की साझा समृद्धि के लिए मैन्युफैक्चरिंग, स्टार्टअप और उभरती टेक्नोलॉजी में सहयोग को गहरा करने के अवसरों पर भी विचार किया।"

उप विदेश मंत्री से भी की मुलाकात

इस बीच, गोयल ने बताया कि उन्होंने ग्रीस के उप विदेश मंत्री हैरिस थियोहारिस से भी मुलाकात की। उन्होंने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, "हमने व्यापार और निवेश सहयोग का विस्तार करने, समुद्री और कनेक्टिविटी साझेदारी को आगे बढ़ाने और भारत-ग्रीस रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए उभरते क्षेत्रों में नए अवसरों की तलाश पर चर्चा की।"

2030 तक द्विपक्षीय व्यापार 4 अरब डॉलर करने का लक्ष्य

डायरेक्टरेट जनरल ऑफ कमर्शियल इंटेलिजेंस एंड स्टैटिस्टिक्स द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, भारत और ग्रीस अपने आर्थिक संबंधों को गहरा कर रहे हैं। दोनों पक्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना कर 4 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। इसे भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे (IMEC) के तहत रणनीतिक सहयोग से समर्थन मिलेगा।

मुख्य व्यापार में भारत से ग्रीस को मशीनरी, रसायन और कपड़ा का निर्यात शामिल है, जबकि ग्रीस से भारत को पेट्रोलियम, एल्यूमीनियम और कृषि उत्पादों का आयात होता है।

दोनों देश कनेक्टिविटी, रक्षा, डिजिटलीकरण और पर्यटन में बढ़ते सहयोग के साथ-साथ फार्मास्यूटिकल्स, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और टेक्नोलॉजी में निवेश सहयोग का विस्तार करने पर भी विचार कर रहे हैं।

रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि भारत और ग्रीस के बीच द्विपक्षीय व्यापार वित्त वर्ष 2021 में 689.33 मिलियन अमेरिकी डॉलर से बढ़कर वित्त वर्ष 2025 में 1,682.26 मिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया, जो आर्थिक जुड़ाव में लगातार वृद्धि को दर्शाता है।

इस अवधि के अधिकांश समय में भारत का व्यापार अधिशेष (trade surplus) बना रहा, सिवाय वित्त वर्ष 2023 के, जब 372 मिलियन अमेरिकी डॉलर का घाटा दर्ज किया गया था। वित्त वर्ष 2025 में, ग्रीस भारत के निर्यात स्थलों में 55वें स्थान पर था, जो भारत के कुल निर्यात का लगभग 0.24 प्रतिशत है। (एएनआई)

(Except for the headline, this story has not been edited by Asianetnews Editorial staff and is published from a syndicated feed.)