जून तिमाही में भारत के मिड-कैप प्राइवेट बैंकों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दो अंकों में बढ़त हासिल की। यस बैंक के मार्केट कैप में 40% और IDBI बैंक में 35.8% की बढ़ोतरी हुई। वहीं, बड़े प्राइवेट बैंकों ने भी अच्छा मुनाफा कमाया।

नई दिल्ली [भारत], 16 जुलाई (एएनआई): भारत के मिड-कैप प्राइवेट सेक्टर के बैंकों ने जून तिमाही में दो अंकों में मुनाफा दर्ज किया है। S&P ग्लोबल मार्केट इंटेलिजेंस डेटा रिपोर्ट के अनुसार, 1 ट्रिलियन रुपये से कम मार्केट कैप वाले टॉप 20 बैंकों में शामिल सभी सात प्राइवेट बैंकों ने 30 जून को समाप्त हुई तिमाही में दो अंकों में बढ़त हासिल की।

ये मिड-कैप बैंक ईरान और अमेरिका के बीच अस्थायी युद्धविराम के बाद शेयर बाजार में आई व्यापक तेजी के दौरान सबसे बड़े गेनर के रूप में उभरे।

मिड-कैप बैंकों का शानदार प्रदर्शन

रिपोर्ट के मुताबिक, "यस बैंक लिमिटेड का मार्केट कैप तिमाही-दर-तिमाही लगभग 40% बढ़ा, जबकि IDBI बैंक लिमिटेड को 35.8% का फायदा हुआ।" यह IDBI बैंक लिमिटेड के लिए एक रिकवरी थी, जो सरकार द्वारा अपनी विनिवेश प्रक्रिया रोकने के बाद पिछली तिमाही में आई 40 प्रतिशत की गिरावट से उबर गया।

डेटा में बताया गया कि मुंबई स्थित RBL बैंक लिमिटेड का मार्केट कैपिटलाइजेशन 219 प्रतिशत बढ़कर 571.5 बिलियन रुपये होने के बाद यह टॉप 20 रैंकिंग में शामिल हो गया।

बड़े प्राइवेट बैंकों ने भी दर्ज की ग्रोथ

बड़े प्राइवेट बैंकों ने भी ग्रोथ दर्ज की। देश के सबसे बड़े बैंक, HDFC बैंक लिमिटेड के मार्केट वैल्यू में तिमाही के दौरान 9.13 प्रतिशत की वृद्धि हुई। यह बढ़ोतरी जनवरी से मार्च की अवधि में आई 26 प्रतिशत की गिरावट के बाद हुई है।

इस बीच, ICICI बैंक लिमिटेड ने 14.19 प्रतिशत की बढ़त हासिल की और भारतीय स्टेट बैंक को पीछे छोड़ते हुए मार्केट कैप के हिसाब से भारत के दूसरे सबसे बड़े बैंक का अपना स्थान फिर से हासिल कर लिया। एक्सिस बैंक लिमिटेड और कोटक महिंद्रा बैंक लिमिटेड ने भी क्रमशः 15.9 प्रतिशत और 11.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की।

सरकारी बैंकों का प्रदर्शन रहा फीका

वहीं, सरकारी बैंकों का प्रदर्शन इस तेजी में फीका रहा और अधिकांश ने 10 प्रतिशत से कम की बढ़त दर्ज की। भारतीय स्टेट बैंक में 4.85 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जबकि बैंक ऑफ बड़ौदा लिमिटेड को लगभग 10 प्रतिशत का फायदा हुआ। पंजाब नेशनल बैंक में 6.1 प्रतिशत और केनरा बैंक में 1.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

इंडियन बैंक टॉप 20 में एकमात्र ऐसा बैंक था जिसने गिरावट दर्ज की, जिसके शेयरों में तिमाही के दौरान 3.44 प्रतिशत की गिरावट आई। इंडियन ओवरसीज बैंक और बैंक ऑफ इंडिया लिमिटेड जैसे अन्य सरकारी बैंकों ने क्रमशः 8.6 प्रतिशत और 2.5 प्रतिशत की कम बढ़त दर्ज की।

रिपोर्ट के आंकड़ों से पता चला है कि जून तिमाही के अंत में टॉप 20 भारतीय बैंकों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन 53,135.42 बिलियन रुपये था। (एएनआई)

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