PRCAI की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय PR इंडस्ट्री 2030 तक 4,500 करोड़ रुपये की हो जाएगी। AI में निवेश बढ़ने और सरकारी व स्टार्टअप क्लाइंट्स की हिस्सेदारी में इजाफे के साथ यह सेक्टर अब एक रणनीतिक बिजनेस फंक्शन के तौर पर विकसित हो रहा है।

नई दिल्ली [भारत], 2 जुलाई (एएनआई): पब्लिक रिलेशंस कंसल्टेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (PRCAI) की स्प्रिंट 2026 रिपोर्ट के अनुसार, भारत का पब्लिक रिलेशंस (PR) उद्योग 2030 तक 4,500 करोड़ रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है, जो वित्त वर्ष 26 में 3,230 करोड़ रुपये था। यह ग्रोथ इस सेक्टर के पारंपरिक कम्युनिकेशन से आगे बढ़कर एक रणनीतिक व्यापारिक कार्य बनने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में निवेश बढ़ाने के कारण होगी।

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रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय पीआर उद्योग ने वित्त वर्ष 26 में 11 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की, जो एशिया-प्रशांत बाजार का 12.6 प्रतिशत है। हालांकि, यह वृद्धि उद्योग की दशक भर की 12 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) से थोड़ी कम हुई है, जो एक अधिक परिपक्व बाजार को दर्शाता है।

PRCAI के अध्यक्ष कुणाल किशोर ने कहा, "PRCAI स्प्रिंट 2026 से पता चलता है कि अब भारतीय पीआर उद्योग को परिभाषित करने वाली कोई एक कहानी नहीं है। अब कई कहानियां हैं, और वे तेजी से अलग हो रही हैं... इस पेशे को अपनी रणनीतिक क्षमताओं को तेज करना होगा, उभरती प्रौद्योगिकियों को जिम्मेदारी से अपनाना होगा और एक भरोसेमंद व्यावसायिक भागीदार के रूप में अपनी भूमिका को मजबूत करना होगा।" उन्होंने आगे कहा कि यह पेशा "कौशल, संरचना और आत्म-धारणा को छूने वाले एक व्यापक परिवर्तन से गुजर रहा है।"

बदल रही है क्लाइंट्स की संरचना

रिपोर्ट के प्रमुख निष्कर्षों में से एक पीआर क्लाइंट्स की बदलती संरचना है। शीर्ष क्लाइंट श्रेणियों में सरकार की हिस्सेदारी 2022 में 4 प्रतिशत से लगभग तीन गुना बढ़कर 2026 में 11 प्रतिशत हो गई है, जबकि निजी कॉरपोरेट्स की हिस्सेदारी 48 प्रतिशत से घटकर 42 प्रतिशत हो गई है। इसी अवधि के दौरान स्टार्टअप्स की हिस्सेदारी 6 प्रतिशत से तेजी से बढ़कर 22 प्रतिशत हो गई।

AI में बढ़ रहा निवेश और चिंताएं

पूरे उद्योग में AI निवेश के एक प्रमुख क्षेत्र के रूप में उभर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, AI पर खर्च तीन साल पहले के राजस्व के 2 प्रतिशत से बढ़कर 2026 में 7 प्रतिशत हो गया है, और अगले तीन वर्षों के भीतर 10 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान है। वर्तमान में AI का सबसे आम उपयोग रिसर्च और इंटेलिजेंस गैदरिंग है, जिसके बाद कंटेंट क्रिएशन और मीटिंग समराइजेशन का स्थान है। हालांकि, रिपोर्ट में AI-संचालित गलत सूचनाओं को लेकर बढ़ती चिंताओं को भी उजागर किया गया। इसमें कहा गया है कि 80 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने AI-जनित गलत सूचना और डीपफेक को एक बड़ा प्रतिष्ठात्मक जोखिम माना, जबकि 85 प्रतिशत को उम्मीद है कि AI गवर्नेंस फ्रेमवर्क अनिवार्य हो जाएगा। रिपोर्ट में कहा गया है, "अगला प्रतिस्पर्धी लाभ... मानवीय विवेक के साथ AI के अनुशासित एकीकरण में निहित है।"

रणनीतिक बिजनेस एनेबलर बन रहा PR

PRCAI की सीईओ दीप्ति सेठी ने कहा, "भारत में पब्लिक रिलेशंस उद्योग एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है... PRCAI स्प्रिंट 2026 के निष्कर्ष सिर्फ एक कम्युनिकेशन या संकट प्रबंधन कार्य के बजाय पीआर की रणनीतिक व्यापारिक सहायक के रूप में बढ़ती भूमिका को उजागर करते हैं।"

उन्होंने आगे कहा, "जैसे-जैसे AI उद्योग को नया आकार दे रहा है और विश्वास पहले से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण होता जा रहा है, PRCAI अनुसंधान, अपस्किलिंग और उच्च उद्योग मानकों के माध्यम से इस पेशे को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।" (एएनआई)

(Except for the headline, this story has not been edited by Asianetnews Editorial staff and is published from a syndicated feed.)