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राज्यसभा में उठा भारी बारिश के कारण फसलों को हुए नुकसान का मुद्दा, पर्याप्त मुआवजे की मांग

पिछले दिनों भारी बारिश और ओलावृष्टि के कारण उत्तर प्रदेश और दिल्ली में विभिन्न फसलों को हुए भारी नुकसान का मुद्दा सोमवार को राज्यसभा में उठा और सदस्यों ने किसानों को पर्याप्त मुआवजा दिए जाने की मांग की

Issues of damage to crops due to heavy rains in Rajya Sabha demand for adequate compensation kpm
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New Delhi, First Published Mar 16, 2020, 2:04 PM IST
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नई दिल्ली: पिछले दिनों भारी बारिश और ओलावृष्टि के कारण उत्तर प्रदेश और दिल्ली में विभिन्न फसलों को हुए भारी नुकसान का मुद्दा सोमवार को राज्यसभा में उठा और सदस्यों ने किसानों को पर्याप्त मुआवजा दिए जाने की मांग की।

शून्यकाल में भाजपा के सदस्य हरनाथ सिंह यादव ने यह मुद्दा उठाया और कहा कि खराब मौसम के कारण उत्तर प्रदेश के कई जिलों में फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो गयीं और इससे लाखों किसान प्रभावित हुए हैं।

30 से ज्यादा लोगों की मौत 

उन्होंने कहा कि 30 से ज्यादा लोगों की मौत हो गयी और हजारों मकान क्षतिग्रस्त हो गए। उन्होंने कहा कि गांवों में मातम पसरा हुआ है। उन्होंने केंद्र सरकार से हर जिले में टीम भेजने और किसानों को तुरंत मुआवजा देने की मांग की। उन्होंने फसल बीमा कंपनियों को भी जरूरी निर्देश दिए जाने की मांग की।

सपा के रेवती रमण सिंह ने भी यह मुद्दा उठाते हुए तत्काल सर्वेक्षण करा कर मुआवजा दिए जाने की मांग की। भाजपा के विजय गोयल ने बारिश के कारण दिल्ली में किसानों को हुए नुकसान का मुद्दा उठाया और दिल्ली की आप सरकार से मांग की कि किसानों को 60 हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से मुआवजा दिया जाए।

कुपोषण का मुद्दा उठाया

शून्यकाल में ही कांग्रेस के एम वी राजीव गौड़ा ने देश में कुपोषण का मुद्दा उठाया और स्कूलों के पाठ्यक्रम में पोषण के महत्व को शामिल करने का सुझाव दिया। उन्होंने इस संबंध में जागरूकता फैलाने और जंक फूड पर काबू करने का भी सुझाव दिया। शून्यकाल में ही जद (एस) के डी कुपेंद्र रेड्डी ने कर्नाटक की अदालतों में लंबित मुकदमों का मुद्दा उठाया वहीं कांग्रेस सदस्य जी सी चंद्रशेखर ने बेंगलुरू में यातायात की समस्या से जुड़ा मुद्दा उठाया।

वाईएसआर कांग्रेस सदस्य वी विजयसाई रेड्डी ने दक्षिण तटीय रेलवे जोन के कार्यान्वयन में तेजी लाने की मांग की।

(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)

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