शेयर बाजार में पैसा लगाने वालों के लिए बड़ी खबर है। मुकेश अंबानी की कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स जल्द ही अपना आईपीओ लाने की तैयारी में है। आइए जानते हैं इसकी संभावित तारीख और बाकी डिटेल्स।
Mukesh Ambani Jio IPO: शेयर बाजार में आईपीओ के जरिए कमाई का इंतजार कर रहे निवेशकों के लिए एक शानदार खबर है। मुकेश अंबानी की टेलीकॉम कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स (Jio Platforms) जल्द ही अपना आईपीओ लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। अगर यह आईपीओ आता है, तो यह भारतीय शेयर बाजार के इतिहास का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू बन सकता है।
क्या 21 अक्टूबर को लॉन्च होगा जियो का आईपीओ?
पीटीआई (PTI) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ 21 अक्टूबर को लॉन्च होने की उम्मीद है। कंपनी इस आईपीओ के जरिए करीब 3.8 बिलियन डॉलर जुटाने का टारगेट लेकर चल रही है। मौजूदा एक्सचेंज रेट के हिसाब से यह रकम लगभग 37,000 से 38,000 करोड़ रुपये के बीच बैठती है।
अगर ऐसा होता है, तो जियो आसानी से हुंडई मोटर इंडिया (Hyundai Motor India) का रिकॉर्ड तोड़ देगी। हुंडई ने 2024 में करीब 2.9 बिलियन डॉलर का आईपीओ लाकर रिकॉर्ड बनाया था। हाल ही में एनएसई (NSE) की लिस्टिंग भी करीब 2.3 बिलियन डॉलर के आईपीओ के जरिए हुई थी।
क्या 23 अक्टूबर तक लगा सकेंगे बोली?
जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ 21 अक्टूबर से 23 अक्टूबर तक खुला रहने की संभावना है। बाजार में इसकी लिस्टिंग 28 अक्टूबर को हो सकती है। हालांकि, कंपनी ने अभी तक इन तारीखों का कोई आधिकारिक ऐलान नहीं किया है।
पीटीआई की रिपोर्ट बताती है कि जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग करीब 143 से 146 बिलियन डॉलर के वैल्यूएशन पर हो सकती है। भारतीय रुपयों में यह करीब ₹12 से ₹15 लाख करोड़ होता है। आईपीओ से मिलने वाले पैसे का बड़ा हिस्सा कंपनी अपना कर्ज चुकाने में इस्तेमाल कर सकती है। खासकर, रिलायंस जियो इन्फोकॉम (Reliance Jio Infocomm) के करीब ₹27,500 करोड़ के बकाया कर्ज को चुकाने का प्लान है। इसका सीधा मतलब है कि कंपनी नए ग्रोथ प्लान्स की जगह अपनी बैलेंस शीट को मजबूत करने पर ज्यादा फोकस कर रही है।
जियो के आईपीओ को लेकर निवेशकों में अभी से भारी क्रेज देखने को मिल रहा है। कंपनी ने भले ही अभी अपना प्राइस बैंड घोषित नहीं किया है, लेकिन ग्रे मार्केट में हलचल तेज हो गई है। इन्वेस्टरगेन (Investorgain) के मुताबिक, 6 अक्टूबर की सुबह जियो प्लेटफॉर्म्स आईपीओ का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) ₹156 पर पहुंच गया था। इससे एक दिन पहले यह ₹147 था और 4 अक्टूबर को ₹148 पर था। आमतौर पर प्राइस बैंड आने के बाद ही जीएमपी की असली तस्वीर साफ होती है। लेकिन बिना प्राइस बैंड के ही ₹147 से ₹156 का जीएमपी दिखना यह साबित करता है कि अनलिस्टेड मार्केट में ब्रोकर्स और निवेशकों के बीच इस शेयर की जबरदस्त डिमांड है।
