बिजनेस डेस्क। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार इजाफा हो रहा है। इसे लेकर सरकार पर विपक्ष हमला बोल रहा है। वहीं, लोग भी इस पर सवाल उठा रहे हैं। तेल की बढ़ती कीमतों पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने बयान दिया है। अहमदाबाद में एक कार्यक्रम के दौरान निर्मला सीतारमण से यह पूछा गया कि सरकार तेल की बढ़ती कीमतों पर कब लगाम लगाएगी? इस पर निर्मला सीतारमण ने कहा, ''कब होगा, इसके बारे में मैं कह नहीं सकती। अभी इस पर कुछ भी कहना धर्म संकट की तरह है।''

बजट के बारे में की चर्चा
कार्यक्रम में निर्मला सीतारमण ने इस साल पेश किए गए बजट की चर्चा की और उसे नए दशक का बजट बताया। निर्मला सीतारमण ने कहा कि इस बजट से साफ है कि सरकार प्राइवेट सेक्टर पर भरोसा करती है और देश के विकास में उनकी भागीदारी का स्वागत करती है। वित्त मंत्री ने कहा कि इस बजट में हमने साफ कर दिया है कि सरकार क्या कर सकती है और किस हद तक कर सकती है। 

बताया कल्याणकारी
निर्मला सीतारमण ने कहा कि यह बजट भारतीय अर्थव्यवस्था की दिशा में बदलाव लाने वाला है। उन्होंने कहा कि सोवियत संघ से हमें समाजवाद की विरासत मिली, जिसमें समाजवाद की उपलब्धियों की बात होती थी। निर्मला सीतारमण ने कहा कि कल्याणकारी राज्य समाजवाद विशेषाधिकार है। 

पेट्रोलियम मंत्री ने क्या बताई थी वजह
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोत्तरी के बारे में पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा था कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के उत्पादन में कटौती हुई है। इस वजह से मांग के हिसाब से आपूर्ति नहीं हो पा रही है और कीमतें बढ़ रही हैं। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि तेल उत्पादक देश अपना मुनाफा बढ़ाने के लिए तेल का उत्पादन कम कर रहे हैं। इसलिए कच्चा तेल खरीदने वाले देशों में पेट्रोल-डीजल महंगा हो गया है।