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LIC कर्मचारियों का IPO के विरोध में मंगलवार को ‘वॉकआउट’ हड़ताल

भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के कर्मचारी संगठन मंगलवार को एक घंटे ‘वॉक आउट’ हड़ताल करेंगे वह सरकार के एलआईसी में आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के जरिए हिस्सेदारी बेचने के विरोध में हैं

LIC employees to go on walkout strike in protest against IPO kpm
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New Delhi, First Published Feb 4, 2020, 3:36 PM IST
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मुंबई: भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के कर्मचारी संगठन मंगलवार को एक घंटे ‘वॉक आउट’ हड़ताल करेंगे। वह सरकार के एलआईसी में आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के जरिए हिस्सेदारी बेचने के विरोध में हैं।

यह ‘वॉक आउट हड़ताल’ कंपनी के देशभर में स्थित सभी कार्यालयों में होगी। शनिवार को आम बजट 2020-21 पेश करने के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की थी कि सरकार एलआईसी में आईपीओ के जरिए हिस्सेदारी बिक्री करेगी। अभी इसमें सरकार की 100 प्रतिशत भागीदारी है।

कार्यालयों से एक घंटे के लिए बाहर आकर हड़ताल

कर्मचारी संगठन ने एक बयान में कहा, ‘‘एलआईसी को सूचीबद्ध कराने के प्रस्ताव पर तत्काल प्रतिक्रिया में ऑल इंडिया एलआईसी एम्पलॉयीज फेडरेशन चार फरवरी को कार्यालयों से एक घंटे के लिए बाहर आकर हड़ताल (वॉकआउट) करेंगे।’’बयान में कहा गया है कि एलआईसी को सूचीबद्ध कराना राष्ट्रहित के खिलाफ है। देश के निर्माण में इसने अमूल्य योगदान दिया है।

संगठन ने कहा कि वित्त वर्ष 2018-19 की समाप्ति पर कंपनी के पास 28.28 लाख करोड़ का कोष और उसके प्रबंधन अधीन परिसंपत्तियों का मूल्य 31.11 लाख करोड़ रुपये था।

आम नागरिकों का भरोसा तोड़ने वाला काम

बयान में कहा गया है कि एलआईसी देश के सबसे बड़े वित्तीय संस्थानों में से एक है। इसके निजीकरण का कोई भी प्रयास देश के आम नागरिकों का भरोसा तोड़ने वाला काम होगा और यह वित्तीय संप्रभुता को प्रभावित करेगा। उन्होंने कहा कि एलआईसी का मुख्य लक्ष्य देश के सामाजिक और पिछड़े लोगों को सही कीमत पर जीवन बीमा उपलब्ध कराना है और निजीकरण से यह सेवा से लाभ की कंपनी बन जाएगी और इसका लक्ष्य प्रभावित होगा।

(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)

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