महिंद्रा एंड महिंद्रा अपने ट्रक और बस डिवीजन को ₹525 करोड़ में सब्सिडियरी SML महिंद्रा को बेचेगी। इस कदम का लक्ष्य कमर्शियल व्हीकल बिजनेस को एकीकृत कर बाजार में स्थिति मजबूत करना है। यह सौदा 31 जनवरी, 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है।
मुंबई: देश की बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनी महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) ने अपने कमर्शियल व्हीकल (Commercial Vehicles) बिजनेस को एक ही छत के नीचे लाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी के बोर्ड ने 29 जुलाई को अपने ट्रक और बस डिवीजन (MTBD) को अपनी ही सब्सिडियरी कंपनी 'SML महिंद्रा' को 525 करोड़ रुपये में बेचने की मंजूरी दे दी है। कंपनी ने शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया कि यह सौदा 'स्लंप सेल' (Slump Sale) के आधार पर होगा। इसका सीधा मतलब है कि इस डिवीजन की मौजूदा संपत्ति, कर्मचारी, लाइसेंस और कर्ज जैसी देनदारियां SML महिंद्रा को ट्रांसफर हो जाएंगी।
इस फैसले पर महिंद्रा ग्रुप के CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर अनीश शाह ने कहा, "इस योजना से महिंद्रा ग्रुप का कमर्शियल व्हीकल स्ट्रक्चर और आसान हो जाएगा। ट्रक और बस ऑपरेशंस को SML महिंद्रा के तहत लाकर हम कमर्शियल व्हीकल सेक्टर में ग्लोबल ग्रोथ और लीडरशिप के लिए एक मजबूत कंपनी बना रहे हैं।"
वैल्यूएशन के बाद इस डील की कीमत 525 करोड़ रुपये तय की गई है, जिसमें बाद में कुछ एडजस्टमेंट हो सकते हैं। बिजनेस ट्रांसफर एग्रीमेंट (BTA) पर 7 अगस्त या उससे पहले साइन किए जाएंगे। उम्मीद है कि सभी सरकारी मंजूरियों के बाद यह पूरी प्रक्रिया 31 जनवरी, 2027 तक पूरी हो जाएगी।
क्यों हो रही है यह रीस्ट्रक्चरिंग?
करीब एक साल पहले, महिंद्रा एंड महिंद्रा ने 'सुमितोमो कॉर्पोरेशन' और 'इसुजु मोटर्स' से 'SML इसुजु' (अब SML महिंद्रा) में 58.97% हिस्सेदारी खरीदी थी। अब दोनों बिजनेस को एक साथ लाने से कंपनी का प्रोडक्ट पोर्टफोलियो बढ़ेगा, बाजार में पहुंच बढ़ेगी और कामकाज भी बेहतर होगा।
फिलहाल, SML महिंद्रा की फैक्ट्री में हर साल 24,000 चेसिस (Chassis) और 12,000 बसें बनाने की क्षमता है। वहीं, पुणे के पास चाकण में M&M के प्लांट की क्षमता सालाना 35,000 से 40,000 ट्रक और बस बनाने की है, लेकिन अभी वहां आधी क्षमता का ही इस्तेमाल हो रहा है।
वित्त वर्ष 2025-26 में ट्रक और बस डिवीजन (MTBD) ने 2,989 करोड़ रुपये का रेवेन्यू कमाया था, जो M&M के कुल ऑपरेशनल रेवेन्यू का 2.02% था। 31 मार्च, 2026 तक इस बिजनेस की बुक वैल्यू 481 करोड़ रुपये थी।
दोनों कंपनियों की कुल बिक्री को मिला दें तो यह नई कंपनी देश के कमर्शियल व्हीकल सेक्टर में चौथे नंबर पर आ जाएगी। दोनों के पास अभी 200 डीलरशिप और 650 टचपॉइंट हैं। अगले 18 महीनों में 20-25 नई डीलरशिप और 50-60 सर्विस स्टेशन जोड़ने का प्लान है। SML महिंद्रा, M&M की एक लिस्टेड सब्सिडियरी है, और यह सौदा पूरी तरह पारदर्शी नियमों के तहत किया जा रहा है। डील के बाद भी महिंद्रा कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर प्रोडक्शन जारी रखेगी, जबकि बिजनेस का पूरा मैनेजमेंट SML महिंद्रा संभालेगी।
