इजराइल और हमास के बीच चल रहे युद्ध का असर दुनियाभर के शेयर बाजारों में देखने को मिल रहा है। भारतीय शेयर बाजार भी इससे अछूते नहीं हैं। सोमवार 9 अक्टूबर को बीएसई सेंसेक्स 483 अंकों की गिरावट के साथ बंद हुआ।

Israel-Hamas War Effect: इजराइल और हमास के बीच चल रहे युद्ध का असर दुनियाभर के शेयर बाजारों में देखने को मिल रहा है। भारतीय शेयर बाजार भी इससे अछूते नहीं हैं। सोमवार 9 अक्टूबर को बीएसई सेंसेक्स 483 अंकों की गिरावट के साथ बंद हुआ। वहीं, निफ्टी में भी 141 अंकों की गिरावट दर्ज की गई।

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सबसे ज्यादा असर रेलवे, शिपिंग और डिफेंस स्टॉक्स पर

इजरायल और हमास के बीच युद्ध का सबसे ज्यादा असर रेलवे, शिपिंग और डिफेंस सेक्टर से जुड़े शेयरों पर दिख रहा है। इरकॉन इंटरनेशनल, रेल विकास निगम लिमिटेड में भारी गिरावट देखने को मिली है। इसी तरह शिपिंग और डिफेंस स्टॉक्स में भी काफी गिरावट देखी जा रही है।

रेलवे से जुड़े शेयरों में भारी गिरावट

इरकॉन इंटरनेशनल का का शेयर 6.25 प्रतिशत की गिरावट के साथ 132.80 रुपये, IRFC 5.21 प्रतिशत की गिरावट के साथ 70.91 रुपये, रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL) का स्टॉक 5.09 प्रतिशत की गिरावट के साथ 161.30 रुपये, रेलटेल कॉर्प ऑफ इंडिया 4.68 प्रतिशत की गिरावट के साथ 208.70 रुपये तक पहुंच गए।

इजराइल-हमास जंग का असर इन स्टॉक्स पर भी दिखा

इसके अलावा Taxmaco Rail 5.06 प्रतिशत, टीटागढ़ रेलसिस्टम्स 3.61 प्रतिशत और IRCTC का शेयर 2.63 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुआ। इसके साथ ही कोचीन शिपयार्ड 3.66 फीसदी की गिरावट के साथ 1033 रुपये, मझगांव डॉक शिपयार्ड 3.56 फीसदी गिरावट के साथ 2073 रुपये पर बंद हुआ।

रेलवे से जुड़े शेयरों में आखिर क्यों आई गिरावट?

दरअसल, शेयर बाजार को आशंका है कि इजराइल-हमास युद्ध के चलते भारत-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडॉर पर असर पड़ सकता है। इसका ऐलान हाल ही में G-20 बैठक के दौरान दिल्ली में लिया गया था। इस प्रोजेक्ट के तहत खाड़ी के देशों से लेकर यूरोप तक रेल लाइन बिछाया जाना है। ऐसे में इस युद्ध से ये प्रोजेक्ट खटाई में पड़ सकता है।

शिपिंग सेक्टर पर भी दिख रहा युद्ध का असर?

इजरायल और हमास के बीच चल रही जंग का असर शिपिंग सेक्टर से जुड़ी कंपनियों के शेयरों पर भी देखने को मिल रहा है। दरअसल, भारत-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर का बड़ा फायदा शिपिंग कंपनियों को भी मिल सकता है। ऐसे में अब इसके अधर में लटकने की आशंका के चलते इस सेक्टर से जुड़े शेयरों पर असर पड़ना स्वाभाविक है।

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