मास्टरकार्ड के इस फैसले से कम से कम 1000 कर्मचारियों की नौकरी पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।

Mastercard Layoffs: अमेरिका में मंदी की आहट ने वैश्विक लेवल पर काम कर रहीं आईटी व अन्य टेक कंपनियों के कर्मचारियों की नौकरियों में संकट पैदा कर दिया है। मास्टर कार्ड ने कथित रिस्ट्रक्चरिंग की घोषणा करते हुए अपने ग्लोबल वर्कफोर्स में 3 प्रतिशत की कटौती करने की तैयारी शुरू कर दी है। मास्टरकार्ड के इस फैसले से कम से कम 1000 कर्मचारियों की नौकरी पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। दो दिन पहले ही सिस्को ने अपने वर्कफोर्स से 7 प्रतिशत छंटनी का ऐलान कर खलबली मचा दी थी।

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मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, Mastercard कंपनी ने पिछले साल के अंतिम तिमाही में ग्लोबल लेवल पर उपलब्ध अपने वर्कफोर्स में से 3 प्रतिशत छंटनी करने का फैसला किया है। अगर आंकड़ों पर गौर करें तो कंपनी के इस फैसले से एक हजार से अधिक कर्मचारियों की नौकरी जाएगी।

बीते साल 33400 कर्मचारियों का वर्कफोर्स था मास्टरकार्ड में, 67 प्रतिशत दुनिया के 80 देशों में हैं कार्यरत

पिछले वर्ष के अंत में, न्यूयॉर्क के परचेज में मुख्यालय वाली मास्टरकार्ड ने ग्लोबल लेवल पर लगभग 33,400 लोगों को रोजगार दिया था। कंपनी की सबसे हालिया वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, इस कुल में से लगभग 67 प्रतिशत लोग संयुक्त राज्य अमेरिका के बाहर स्थित थे, जो 80 से अधिक देशों में फैले हुए थे। उस समय कार्यबल की कुल लागत $6 बिलियन थी। जबकि अमेरिका में कंपनी के वर्कफोर्स के करीब 33 प्रतिशत कर्मचारी कार्यरत हैं।

दुनिया भर में चल रही है छंटनी

अमेरिकी मंदी की सुगबुगाहट के बाद दुनिया भर में छंटनी का दौर चल रहा है। टेक कंपनियों में लगातार छंटनी की खबरें आ रही हैं। हालांकि, केवल टेक कंपनियों ही नहीं विभिन्न सेक्टर्स में यही हाल है। ग्लोबल लेवल पर कई बड़ी कंपनियों Amazon, Google, Microsoft, UKG आदि में छंटनी का ऐलान किया है जिससे बेरोजगारी दर के एक बार फिर बढ़ने की आशंका बढ़ती जा रही है। 

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