टेक कंपनी सिस्को सिक्योरिटीज ने अपने वर्कफोर्स में 7% की कटौती की घोषणा की है, जिससे 6,000 से अधिक नौकरियां खतरे में पड़ गई हैं। यह एक साल में दूसरी बार है जब सिस्को ने बड़े पैमाने पर छंटनी की है।

Cisco laid off: टेक कंपनी सिस्को सिक्योरिटीज ने नौकरियों में बड़े स्तर पर कटौती का ऐलान किया है। कंपनी अपने वर्कफोर्स में करीब 7 प्रतिशत की कटौती करने जा रही है। सिस्को के इस ऐलान के बाद 6 हजार से अधिक नौकरियों पर तलवार लटक गई है। एक साल में यह दूसरी बार है कि सिस्को ने अपने हजारों कर्मचारियों को नौकरी से हटाने की घोषणा की है। इसके पहले फरवरी महीना में कंपनी ने 4000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला था। अमेरिका में मंदी की आहट के बाद दुनिया के विभिन्न सेक्टर्स में काम कर रही कंपनियां अपने वर्कफोर्स को कम करने का विचार कर रही हैं।

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CISCO ने यूएस सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) को अपने वर्कफोर्स में 7 प्रतिशत कर्मचारियों की कटौती की जानकारी दी है। उसने बताया कि वह जल्द ही अपने निर्णय को एक्जीक्यूट करेगा। 

कंपनी ने फाइलिंग में कहा: सिस्को कई अपॉरच्युनिटी में इन्वेस्टमेंट करने का प्लान बनाया है। वह अपने बिजनेस को और अधिक एफिसिऐंसी के लिए रिस्ट्रक्चरल प्लान पर काम कर रहा है। इस प्लान में सिस्को के ग्लोबल वर्कफोर्स पर लगभग 7 प्रतिशत असर पड़ सकता है।

अमेरिकी मंदी का असर

अमेरिका में मंदी की आहट के बाद ग्लोबल लेवल पर कई सेक्टर्स में संकट छाने की आशंका जताई गई है। दुनिया भर के शेयर बाजारों में इनवेस्टर्स ने अपनी होल्डिंग्स घटा दी है। तमाम कंपनियां छंटनी को लेकर मंथन करनी शुरू कर दी हैं। अमेरिकी इकोनॉकी अगर और खराब हुई तो पूरी दुनिया पर असर होगा। लाखों नौकरियों के जाने की शुरूआत हो चुकी है। फिलहाल, अमेरिका में बेरोजगारी अपने चरम पर पहुंचने की ओर है। हालांकि, बेरोजगारी की मार दुनिया के देशों पर भी पड़ेंगे क्योंकि अधिकतर ग्लोबल कंपनियों के हेडक्वाटर्स अमेरिकन स्टेट्स में है। भारत में भी अमेरिकी मंदी का असर देखने को मिलने से इनकार नहीं किया जा सकता।

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