बिजनेस डेस्क। रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने जियो को लेकर एक बड़ी तैयारी शुरू कर दी है। यह जियो प्लेटफॉर्म्स को विदेशी बाजार में लिस्ट कराने से जुड़ी है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, मुकेश अंबानी जियो प्लेटफॉर्म्स को विदेशी बाजार में लिस्ट कराने की योजना पर काम कर रहे हैं। जियो की ओवरसीज आईपीओ (IPO) लिस्टिंग की तैयारी चल रही है। इसके लिए मुकेश अंबानी बैंकों के साथ मिल कर काम कर रहे हैं। फिलहाल, मुकेश अंबानी वायरलेस और डिजिटल बिजनेस को तेजी से बढ़ाने की योजना पर काम कर रहे हैं। 

जियो के IPO की तैयारी
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, जियो प्लेटफॉर्म्स की योजना भारत के बाहर  IPO (इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग) जारी करने की है। जियो प्लेटफॉर्म्स में रिलांयस ग्रुप का डिजिटल एसेट और वायरलेस बिजनेस रिलायंस इन्फोकॉम शामिल है। मुकेश अंबानी का मकसद इसे सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी और पेमेंट ऑपरेटर बनाना है। अंबानी तेल और पेट्रो केमिकल के बिजनेस से अब कंज्यूमर बिजनेस की तरफ शिफ्ट होना चाहते हैं।

1 से 2 साल के भीतर हो सकती है लिस्टिंग
रिपोर्ट के मुताबिक, जियो की विदेशी मार्केट में लिस्टिंग 1 से 2 साल के भीतर हो सकती है। हालांकि, कंपनी ने अभी लिस्टिंग का वेन्यू तय नहीं किया है, न ही इसका कोई टाइमलाइन फिक्स किया गया है। आईपीओ की साइज के बारे में भी अभी कोई जानकारी सामने नहीं आई है।

लॉकडाउन में जियो में हुआ 1000 करोड़ डॉलर का निवेश
लॉकडाउन के दौरान मुकेश अंबानी की जियो में 1000 करोड़ डॉलर का निवेश हुआ है। फेसबुक, केकेआर, विस्टा और सिल्वरलेक जैसी कंपनियों ने जियो में इन्वेस्टमेंट की घोषणा की है। इससे जियो की एंटरप्राइजेज वैल्यू 5.16 लाख करोड़ पहुंच गई है। इससे यह माना जा रहा है कि अगले साल मार्च तक कंपनी को कर्जमुक्त करने की योजना कारगर हो सकती है।