बिजनेस डेस्क। रिलायंस इंडस्ट्रीज के 53,124 करोड़ रुपए के राइट्स इश्यू आज सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गए। लगभग तीन दशकों में यह रिलायंस इंडस्ट्रीज का पहला राइट्स इश्यू है। रिलायंस पर मार्च तिमाही के अंत तक 3,36, 294 करोड़ रुपए का कुल कर्ज और 1,75,259 करोड़ की नकदी थी। उसका नेट कर्ज 1,61,035 रुपए है। कंपनी ने मार्च, 2021 तक कर्जमुक्त होने का लक्ष्य तय किया है। पिछले एक महीने में मुकेश अंबानी की अगुआई वाली कंपनी आरआईएल Jio प्लेटफॉर्म्स में हिस्सेदारी की बिक्री के जरिए  67,195 करोड़ रुपए जुटा चुकी है। कंपनी ने 4 निवेशकों - सिल्वर लेक, विस्टा इक्विटी पार्टनर्स, जनरल अटलांटिक और फेसबुक इंक को Jio प्लेटफॉर्म्स में 14.81 फीसदी हिस्सेदारी बेची। आरआईएल के राइट्स इश्यू के बारे में ये 5 बातें हैं, जो निवेशकों को जरूर पता होनी चाहिए।

1.  आरआईएल द्वारा 53,124 करोड़ रुपए का राइट्स इश्यू 3 जून से सब्सक्रिप्शन के लिए उपलब्ध होगा। कंपनी मौजूदा शेयरधारकों को 1,257 रुपए के 42,26,26,894 इक्विटी शेयर जारी करेगी। मंगलवार के 1,408.90 रुपए की क्लोजिंग प्राइस की तुलना में ऑफर प्राइस करीब 12 फीसदी की छूट पर है, जो निवेशकों के लिए आकर्षक दिखता है। बुधवार दोपहर तक आरआईएल के शेयर बढ़त के साथ 1,428.35 रुपए पर थे।

2.  रिकॉर्ड तिथि यानी 14 मई को निवेशकों द्वारा लिए गए प्रत्येक 15 शेयर के पर वे 1,257 रुपए में एक शेयर के लिए अप्लाई कर सकते हैं। यदि किसी शेयरधारक के पास 25 आरआईएल शेयर या 30 से कम शेयर हैं और वह दो अतिरिक्त शेयरों के लिए आवेदन करता है, तो उसे अपनी पात्रता के अनुसार केवल एक अतिरिक्त हिस्सा मिलेगा। हालांकि, वह एक और शेयर हासिल कर सकता है।

3. यदि किसी आवेदक के पास 15 से कम शेयर हैं तो कंपनी उसे एक अतिरिक्त राइट इक्विटी शेयर आवंटित करेगी, बशर्ते उसके पास एक्स्ट्रा शेयर मौजूद हो।

4. शेयरधारकों को आरआईएल के राइट इश्यू को सब्सक्राइब करने के लिए 25 फीसदी एडवांस भुगतान करना होगा। बाकी राशि का भुगतान अगले साल दो किस्तों में किया जा सकता है। आवेदन के समय शेयरधारकों को प्रति शेयर 314.25 रुपए का भुगतान करना होगा। बाकी  942.75 रुपए में से 314.25 रुपए का भुगतान मई 2021 तक और 50 फीसदी का भुगतान 2021 तक करना होगा।

5. यहां यह बताना जरूरी है कि कंपनी में 50 फीसदी हिस्सेदारी रखने वाले आरआईएल प्रमोटर्स अपने सभी राइट्स के हकदार होंगे। अगर वे इसे छोड़ देते हैं, तो यह किसी दूसरे प्रमोटर इकाई के पक्ष में होगा।