Asianet News Hindi

NEFT और RTGS ट्रांजेक्शन होगा सस्ता, SBI में 1 अक्टूबर से होने वाले हैं छह बड़े बदलाव

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के ग्राहकों के लिए एक अच्छी खबर है। दरअसल SBI 1 अक्टूबर से सर्विस चार्ज में बदलाव करने जा रही है। जिसका असर देशभर में मौजूद एसबीआई के सभी 32 करोड़ खाताधारकों पर पड़ेगा। इस बदलाव में बैंक मंथली एवरेज बैलेंस (MAB) मेंटेन नहीं करने पर पेनाल्टी में करीब 80 फीसदी तक की कमी आएगी।

NEFT and RTGS transactions to be cheaper, SBI to have six major changes from October 1
Author
New Delhi, First Published Sep 27, 2019, 3:52 PM IST
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp

नई दिल्ली. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के ग्राहकों के लिए एक अच्छी खबर है। दरअसल SBI 1 अक्टूबर से सर्विस चार्ज में बदलाव करने जा रही है। जिसका असर देशभर में मौजूद एसबीआई के सभी 32 करोड़ खाताधारकों पर पड़ेगा। इस बदलाव में बैंक मंथली एवरेज बैलेंस (MAB) मेंटेन नहीं करने पर पेनाल्टी में करीब 80 फीसदी तक की कमी आएगी। इन सबके अलावा भी बैंक की तरफ से कुछ और बदलाव किए जा रहे हैं, जो 1 अक्टूबर से लागू हो जाएंगे। ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करने वालों के लिए NEFT और RTGS ट्रांजेक्शन भी सस्ता हो जाएगा।

मंथली एवरेज बैलेंस में बदलाव
अभी आपको अपने खाते में मेट्रो सिटी में 5 हजार और शहरी क्षेत्रों में 3 हजार रुपए मंथली एवरेज बैलेंस रखना होता है। लेकिन 1 अक्टूबर से मेट्रो और शहरी दोनों ब्रांचों में ही 3 हजार रुपये ही मेंटेन करना होगा।

पेनाल्टी राशि में बड़ी कटौती
अगर शहरी क्षेत्र में रहने वाले ग्राहक 3000 रुपए मेंटेन नहीं कर पा रहें हैं और उसका बैलेंस 75 फीसदी से ज्यादा कम है, तो उन्हें 15 रुपए पेनाल्टी और जीएसटी देना पड़ेगा। अभी 80 रुपये और जीएसटी देना पड़ता है। इसी तरह 50 से 75 प्रतिशत कम बैलेंस रखने वाले को 12 रुपये और जीएसटी चुकाना होगा, जो कि अभी 60 रुपये और जीएसटी होगा। 50 प्रतिशत कम बैलेंस होने पर 10 रुपये और जीएसटी देना होगा।

इन खाता धारकों को रखा MAB से बाहर
जिन लोगों के SBI में सैलरी अकाउंट, बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट, पीएम जनधन योजना खाते हैं वो MAB में शामिल नहीं हैं। लेकिन 1 अक्टूबर से नो​​ फ्रिल अकाउंट, पहला कदम और पहली उड़ान अकाउंट, 18 साल की उम्र के नाबालिग, पेंशनर, सीनियर सिटीजन और 21 साल तक के छात्रों के अकाउंट MAB से बाहर होंगे।

NEFT और RTGS ट्रांजेक्शन सस्ता होगा 
NEFT और RTGS ट्रांजेक्शन को पहले ही SBI 1 जुलाई से फ्री कर चुका है। लेकिन 1 अक्टूबर से ब्रांच से NEFT/ RTGS करने पर भी पहले के मुकाबले कम शुल्क लिया जाएगा। दो लाख से 5 लाख तक के RTGS पर 20 रुपये और 5 लाख से ज्यादा के RTGS पर 40 रुपये और जीएसटी देना होगा। इसी तरह अब 10 हजार तक ब्रांच से NEFT कराने पर 2 रुपये, एक लाख से दो लाख तक की NEFT पर 12 रुपये, दो लाख से ज्यादा की NEFT पर 20 रुपये के अलावा जीएसटी देना होगा।

ATM चार्ज में होगा बदलाव
1 अक्टूबर से SBI के एटीएम चार्ज भी बदल दिए जांएगे। ग्राहक 6 मेट्रो सिटी के ATM में से 10 फ्री ट्रांजेक्शन कर सकेगा। अन्य शहरों के ATM से 12 ट्रांजेक्शन फ्री किए जा सकेंगे। सभी शहरों में सैलरी अकाउंट वाले SBI ATM पर ज्यादा ट्रांजेक्शन भी कर सकते हैं।

सीनियर सिटिजन के लिए चेक बुक होगी फ्री
एक फायनेंशियल इयर में सेविंग्स अकाउंट वालों के लिए पहले 10 चेक फ्री होंगे। इसके बाद 10 लीफ वाली चेकबुक के लिए 40 रुपये और जीएसटी चुकानी होगी। वहीं 25 लीफ वाली चेकबुक के लिए 75 रुपये और जीएसटी बैंक की तरफ से लिया जाएगा। सीनियर सिटीजन और सैलरी अकाउंट वालों से चेक बुक के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।

Follow Us:
Download App:
  • android
  • ios