नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने कहा कि भारत को 2047 तक हाई इनकम वाला देश बनने की आकांक्षा या इच्छा रखनी चाहिए और इसके लिए साल दर साल निरंतर आर्थिक विकास की जरूरत होगी।

नेशनल डेस्क। नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने बुधवार को एक कार्यक्रम में कहा कि 1947 में भारत, चीन और दक्षिण कोरिया की प्रति व्यक्ति आय बराबर थी। अब जब भारत की आजादी को 75 साल पूरे हो चले हैं तो दक्षिण कोरिया की प्रति व्यक्ति आय भारत के मुकाबले 7 गुना ज्यादा है। उन्होंने कहा कि अब वो समय आ गया है कि देश को आने वाले सालों में हाई इनकम वाले देशों की लिस्ट में आने की सोच रखनी चाहिए।

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2047 तक हाई इनकम वाला देश बनना होगा
नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने कहा कि भारत को 2047 तक हाई इनकम वाला देश बनने की आकांक्षा या इच्छा रखनी चाहिए और इसके लिए साल दर साल निरंतर आर्थिक विकास की जरूरत होगी। कांत ने आगे कहा कि भारत विकसित होगा यदि देश अपने निजी क्षेत्र की शक्ति का उपयोग कर सकता है। उन्होंने किा कि हमारी प्रति व्यक्ति आय लगभग 2,000 अमेरिकी डॉलर है। भारत एक निम्न मध्यम आय वाला देश है।

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साउथ कोरिया की 7 गुना प्रति व्यक्ति आय
कांत ने बताया कि 1947 में दक्षिण कोरिया, चीन और भारत की प्रति व्यक्ति आय कमोबेश बराबर थी। 75 साल बाद दक्षिण कोरिया की प्रति व्यक्ति आय भारत का 7 गुना है। उन्होंने कहा, यह देखते हुए कि चीन और दक्षिण कोरिया ने साल दर साल 10 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है, कांत ने कहा कि अगर भारत हाई रेट से नहीं बढ़ेगा तो यह कम आय वाले विकास परिदृश्य में फंस जाएगा।

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मुश्किल बनाया कारोबार
नीति आयोग के सीईओ ने अफसोस जताया कि नौकरशाहों ने व्यवसायों के विकास को मुश्किल बना दिया है। उन्होंने कहा कि हमने ऐसे नियम और कानून बनाए हैं जिन्होंने एंटरप्रेन्योरशिप को मार डाला है। उन्होंने कहा कि नौकरशाहों को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप प्रोजेक्ट्स के पुनर्गठन की कला सीखनी चाहिए, प्रोजेक्ट्स में प्राइवेट सेक्टर से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करना चाहिए।