Asianet News HindiAsianet News Hindi

पेट्रोल-डीजल को लाया जा सकता है GST के दायरे में ! वित्त मंत्री सीतारमण ने क्यों कही ये बात

पेट्रोल और डीजल को जीएसटी में लाने पर वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि जीएसटी लागू होने के समय केंद्र और राज्य सरकारों ने पेट्रोल और डीजल को इसमें शामिल किया था। सीतारमण ने कहा, ‘जीएसटी कानून में एक प्रावधान है जिससे पेट्रोल और डीजल जीएसटी में शामिल हो सकते हैं.’। 

Petrol and diesel can be brought under the purview of GST Why did Finance Minister Sitharaman say this
Author
Bhopal, First Published Sep 24, 2021, 10:28 PM IST
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp

बिजनेस डेस्क। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Union Finance Minister Nirmala Sitharaman) ने शुक्रवार को बड़ा बयान दिया है। सीतारमण ने कहा कि  देश की अर्थव्यवस्था पटरी पर लाने के लिए कोशिशें जारी हैं। 
कभी भी संभव है ये काम 

पेट्रोल और डीजल को जीएसटी में लाने पर वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि जीएसटी लागू होने के समय केंद्र और राज्य सरकारों ने पेट्रोल और डीजल को इसमें शामिल किया था। सीतारमण ने कहा, ‘जीएसटी कानून में एक प्रावधान है जिससे पेट्रोल और डीजल जीएसटी में शामिल हो सकते हैं.’। 

GST  कानून में नहीं होगी संशोधन की जरुरत 
वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा, ‘जब (GST) परिषद फैसला करेगी कि इसे एक निश्चित दर पर लाया जाए और दर के निर्धारण के बाद इसे भी शामिल कर लिया जाएगा। वित्त मंत्री ने कहा कि पेट्रोल- डीजल को जीएसटी के अंतर्गत लाने के लिए  कानून में कोई नया संशोधन नहीं करना होगा। 

परिषद तय करेगी कब करना है GST में शामिल
ये केवल परिषद को तय करना है कि इसे कब और किस दर पर लाना है.” । बता दें कि बीते सप्ताह जीएसटी काउंसिल की 45वीं बैठक हुई थी, इस बैठक में  पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने पर चर्चा हुई थी, लेकिन राज्यों ने इसका विरोध किया था।  

75 रुपए लीटर हो जाएगा पेट्रोल
एक्सपर्ट की राय के मुताबिक अगर पेट्रोल और डीजल को GST के दायरे में लाया जाता है तो इसकी कीमत में बड़ी कमी आएगी। यदि ऐसा किया जाता है तो देश के विभिन्न राज्यों  में पेट्रोल 75 रुपए और डीजल  68 रुपए प्रति लीटर हो जाएगा। पेट्रोल- डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने से केंद्र और राज्यों के राजस्व बड़ी कमी आएगी। यदि ऐसा किया जाता है तो  केंद्र और राज्यों को संयुक्त रुप से तकरीबन 1 लाख करोड़ रुपए के राजस्व की हानि उठानी पड़ सकती है। 

Follow Us:
Download App:
  • android
  • ios