PF Withdrawal Rules: नौकरी छोड़ने के बाद PF निकालना जरूरी है या नहीं? क्या PF खाता इनएक्टिव हो जाता है? EPFO के नए नियम क्या कहते हैं, PF पर ब्याज कब तक मिलता है और सही फैसला क्या है—पूरी जानकारी आसान हिंदी में पढ़ें।
आज के समय में नौकरी बदलना या कुछ महीनों का ब्रेक लेना असामान्य नहीं रह गया है। खासकर प्राइवेट सेक्टर और Gen Z प्रोफेशनल्स में जॉब स्विच करना करियर ग्रोथ का हिस्सा बन चुका है। लेकिन जैसे ही कोई कर्मचारी अपनी नौकरी छोड़ता है, उसके दिमाग में सबसे पहले एक सवाल आता है, नौकरी छोड़ने के बाद PF का क्या किया जाए? इसी उलझन के बीच कई लोग बिना पूरी जानकारी के जल्दबाजी में अपने PF खाते से पैसा निकाल लेते हैं, जो भविष्य में नुकसान का कारण बन सकता है।
क्या नौकरी छोड़ते ही PF निकालना सही फैसला है?
आम धारणा यह है कि नौकरी छोड़ते ही PF निकाल लेना चाहिए, लेकिन हकीकत इससे अलग है। अगर आप नई नौकरी की तलाश में हैं या कुछ समय के लिए ब्रेक ले रहे हैं, तो केवल असुरक्षा के डर से PF निकालना समझदारी नहीं मानी जाती। PF एक लंबी अवधि की रिटायरमेंट सेविंग होती है, जिसे समय से पहले निकालने पर आपकी भविष्य की वित्तीय योजना कमजोर हो सकती है। विशेषज्ञ मानते हैं कि जब तक कोई गंभीर आर्थिक मजबूरी न हो, PF को खाते में ही रहने देना बेहतर विकल्प होता है।
नौकरी छूट गई, तो क्या PF खाता भी खतरे में आ जाता है?
नौकरी छोड़ने के बाद सबसे बड़ा डर यह होता है कि कहीं PF खाता बंद न हो जाए या पैसा अटक न जाए। लेकिन EPFO के नियम इस डर को पूरी तरह गलत साबित करते हैं। भले ही नौकरी छोड़ने के बाद आपके PF खाते में नया योगदान न आए, फिर भी अब तक जमा की गई राशि पूरी तरह सुरक्षित रहती है। खाता न तो बंद होता है और न ही आपका पैसा किसी तरह से होल्ड किया जाता है।
बिना योगदान के भी मिलता रहता है PF पर ब्याज
बहुत कम लोगों को यह जानकारी होती है कि PF पर ब्याज सिर्फ नौकरी के दौरान ही नहीं मिलता। EPFO के अनुसार, अगर कोई कर्मचारी 58 वर्ष की उम्र से पहले नौकरी छोड़ता है, तो उसका PF खाता 58 साल की उम्र तक ब्याज कमाता रहता है। यानी कई साल तक कोई नया पैसा न आने के बावजूद आपकी जमा रकम पर ब्याज जुड़ता रहता है और फंड धीरे-धीरे बढ़ता रहता है।
तीन साल बाद PF इनएक्टिव हो जाता है—सच या भ्रम?
लंबे समय से यह बात कही जाती रही है कि तीन साल तक PF में कोई जमा न होने पर खाता निष्क्रिय हो जाता है। लेकिन यह जानकारी अब पूरी तरह पुरानी हो चुकी है। साल 2016 में सरकार ने नियमों में बदलाव करते हुए साफ किया कि 58 वर्ष की उम्र से पहले किसी भी PF खाते को इनएक्टिव नहीं माना जाएगा। इसका मतलब यह है कि न तो खाता बंद होगा, न ब्याज रुकेगा और न ही जमा पैसा असुरक्षित होगा।
नई नौकरी से पहले PF निकालने की जल्दबाजी क्यों भारी पड़ सकती है?
अगर आप नौकरी छोड़ने के बाद नई जॉब की तैयारी में हैं और जल्द ही रोजगार मिलने की संभावना है, तो इस दौरान PF निकालना नुकसानदेह हो सकता है। इससे आपकी रिटायरमेंट सेविंग घटती है और कुछ मामलों में टैक्स से जुड़ी परेशानियां भी सामने आ सकती हैं। इसके अलावा, PF के लंबे समय तक मिलने वाले फायदे भी खत्म हो जाते हैं। ऐसी स्थिति में बेहतर होता है कि नई नौकरी मिलने पर PF को ट्रांसफर करा लिया जाए।
सही जानकारी ही बचा सकती है आपका मेहनत का पैसा
PF से जुड़ा हर फैसला सीधे आपके भविष्य की आर्थिक सुरक्षा से जुड़ा होता है। अफवाहों, सोशल मीडिया पोस्ट्स या अधूरी जानकारी के आधार पर लिया गया निर्णय बाद में पछतावे का कारण बन सकता है। यह समझना जरूरी है कि नौकरी छोड़ने से PF खत्म नहीं होता, योगदान न होने पर भी ब्याज मिलता रहता है और 58 वर्ष की उम्र तक आपका पैसा सुरक्षित तरीके से बढ़ता रहता है। सही नियमों की जानकारी के साथ लिया गया फैसला ही आपकी वर्षों की कमाई को सुरक्षित रख सकता है।


