नई दिल्ली. वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बृहस्पतिवार को अपील की कि त्यौहारों और शादियों के मौके पर लोग स्वदेशी कारीगरों द्वारा बनाए गए उत्पादों को तोहफे में दें।

'हुनर हाट' कार्यक्रम में गोयल ने क्या कहा ?

गोयल अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की ओर से आयोजित ‘हुनर हाट’ के उद्घाटन के मौके पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा, ‘‘ मुझे उम्मीद है कि अल्पसंख्यक मंत्रालय के प्रयासों से हजारों हुनर को एक बार फिर से जीवित किया जा सकेगा, बड़ी संख्या में लोगों को मदद मिलेगी और हुनरमंद लोग इस पारंपरिक कला को देश-विदेश में पहुंचाने में सफल होंगे। हम इन कारीगरों के कार्यों को ई-वाणिज्य के माध्यम से भी आगे बढ़ा सकते हैं।’’

शादी के मौके पर स्वदेशी गिफ्ट दें

‘‘मेरा अनुरोध है कि हम पूरे देश में जागरूकता फैलाएं के कि ईद, दिवाली, क्रिसमस या शादी के मौके पर लोग स्वदेशी कारीगरों की वस्तुओं को तोहफे के रूप में दें।’’ गोयल ने कहा, ‘‘भारत की आजादी के 75 वर्ष पूरे होने जा रहे हैं। ऐसे में हम यह निर्णय लें। हम 2020, 21 और 22 तक ऐसा करें। हम सब मिलकर मिशन मोड में काम करेंगे तो यह बापू को सही मायनों में श्रद्धांजलि होगी। हम एक बार फिर स्वदेशी का नारा लेकर निकलें, यही मेरा अनुरोध है।’’

भारतीय अगरबत्ती उद्योग को नुकसान ना हो इसलिए विदेश आयात पर प्रतिबंध लगाया

उन्होंने कहा, ‘‘अगरबत्ती के संबंध में हमने एक छोटा सा प्रयोग किया, एक समय में अगरबत्ती बड़े पैमाने पर देश में बनती और बिकती थीं। धीरे धीरे अगरबत्तियां विदेश से आनी शुरु हो गयी, और हमारे उद्योगों को नुकसान हो रहा था। हमने उसके आयात को प्रतिबंधित किया।’’

वाणिज्य मंत्री ने कहा, ‘‘निर्णय बदलने के लिये हम पर दबाव डाला गया, लेकिन हमने सभी दबावों को पीछे छोड़ते हुए निर्णय लिया। हमने यही सीखा है कि देशहित में यदि कोई निर्णय हो तो उससे पीछे नहीं हटना है।’’

'कौशल को काम' थीम पर था हुनर हाट

गोयल ने अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी और आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी के साथ अल्पसंख्यक मंत्रालय के 20वें "हुनर हाट" का उद्घाटन किया। इस मौके पर राज्यसभा सांसद एवं भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद के अध्यक्ष डॉ विनय सहस्रबुद्धे और मंत्रालय के कई अन्य अधिकारी मौजूद थे।

"कौशल को काम" थीम पर आधारित यह 'हुनर हाट" 13 फरवरी से 23 फरवरी 2020 तक आयोजित किया जा रहा है जहां देश भर के "हुनर के उस्ताद" दस्तकार, शिल्पकार, खानसामे भाग ले रहे हैं । इनमे 50 प्रतिशत से अधिक महिला दस्तकार शामिल हैं।

(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)