PPF में 15+5+5 रणनीति से 25 साल में 1.03 करोड़ रुपये का फंड बनाने का गणित समझें। बाद में 7.1% ब्याज पर करीब 61 हजार रुपये की मासिक आय भी इससे संभव है।
सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) के लिए स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। इसका मतलब है कि इन योजनाओं में पहले की तरह ही ब्याज मिलता रहेगा। अगर आप रिटायरमेंट के लिए एक मजबूत और सुरक्षित फंड तैयार करना चाहते हैं, तो पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी PPF एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है। PPF में 15+5+5 की रणनीति अपनाकर 25 साल में करीब 1.03 करोड़ रुपये का फंड बनाया जा सकता है। इतना ही नहीं, इसके बाद इस रकम पर मिलने वाले ब्याज से हर महीने करीब 61 हजार रुपये की इनकम हासिल की जा सकती है। कैसे, आइए जानते हैं।
PPF पर कितना ब्याज मिलता है?
PPF पर फिलहाल 7.1% सालाना ब्याज मिलता है। यह ब्याज चक्रवृद्धि यानी कंपाउंडिंग के आधार पर बढ़ता है। इसका मतलब है कि आपको सिर्फ मूल रकम पर ही ब्याज नहीं मिलता, बल्कि पहले मिले ब्याज पर भी आगे ब्याज जुड़ता है। कंपाउंडिंग की यही ताकत लंबे समय में PPF में निवेश को बड़ा फंड बनाने में मदद करती है। PPF की एक खास बात यह भी है कि इसमें मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी पर मिलने वाली रकम टैक्स-फ्री होती है। इस योजना में आप एक वित्त वर्ष में न्यूनतम 500 रुपये और अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक निवेश कर सकते हैं।
PPF का 15+5+5 फॉर्मूला क्या है?
PPF का 15+5+5 फॉर्मूला लंबे समय के निवेश की रणनीति है। इसमें PPF की मूल अवधि 15 साल पूरी होने के बाद खाते को 5-5 साल के लिए दो बार बढ़ाया जाता है। PPF की शुरुआती अवधि 15 साल होती है। यह अवधि पूरी होने के बाद आपके पास मुख्य रूप से तीन विकल्प होते हैं।
पहला विकल्प: आप 15 साल पूरे होने पर अपना पूरा पैसा निकाल सकते हैं।
दूसरा विकल्प: आप पैसा निकालने के बजाय PPF खाते को 5 साल के लिए बढ़ा सकते हैं। इसके बाद फिर 5 साल का एक और एक्सटेंशन लिया जा सकता है। इस तरह कुल 25 साल तक पैसा खाते में रखा जा सकता है। इन एक्सटेंशन के दौरान बिना नया निवेश किए भी खाते को जारी रखा जा सकता है।
तीसरा विकल्प: आप 5-5 साल के एक्सटेंशन के दौरान निवेश जारी रख सकते हैं।
15 साल बाद 5-5 साल का एक्सटेंशन लेने पर कितना फंड बनेगा?
- अगर आप हर साल PPF में 1.5 लाख रुपये निवेश करते हैं, तो 15 साल की अवधि पूरी होने के बाद खाते को आगे बढ़ाया जा सकता है।
- अगर 15 साल के बाद अगले 5 साल तक बिना कोई नया निवेश किए पैसा खाते में रहने दिया जाता है, तो 20 साल के अंत में करीब 57.32 लाख रुपये का फंड बन सकता है। इस दौरान करीब 16.64 लाख रुपये ब्याज से जुड़ेंगे।
- इसके बाद अगर 20 साल पूरे होने पर एक और 5 साल का एक्सटेंशन लिया जाता है, तो 25 साल में करीब 80.77 लाख रुपये का फंड बन सकता है। इस अवधि में करीब 23.45 लाख रुपये ब्याज से जुड़ सकते हैं।
25 साल में 1.03 करोड़ रुपये कैसे बनेंगे?
- अगर 15 साल पूरे होने के बाद अगले दोनों 5 साल के एक्सटेंशन के दौरान भी हर साल 1.5 लाख रुपये का निवेश जारी रखा जाता है, तो 25 साल में कुल निवेश 37.5 लाख रुपये होगा।
- 7.1% ब्याज दर के हिसाब से 25 साल की अवधि में यह रकम बढ़कर करीब 1.03 करोड़ रुपये हो सकती है।
- यानी करीब 37.5 लाख रुपये के कुल निवेश पर लगभग 65.58 लाख रुपये ब्याज से मिल सकते हैं।
- यह गणना मौजूदा 7.1% ब्याज दर को आधार मानकर की गई है। PPF की ब्याज दर सरकार समय-समय पर बदल सकती है, इसलिए भविष्य का वास्तविक रिटर्न अलग हो सकता है।
25 साल बाद 61 हजार रुपये की मंथली इनकम कैसे मिलेगी?
- 25 साल पूरे होने के बाद अगर आप PPF खाते में जमा करीब 1.03 करोड़ रुपये की रकम को निकालने के बजाय खाते में बनाए रखते हैं, तो उस पर ब्याज मिलता रहेगा।
- 7.1% सालाना ब्याज की दर से 1.03 करोड़ रुपये पर करीब 7.31 लाख रुपये सालाना ब्याज बनता है।
- इसे 12 महीनों में बांटें तो यह रकम करीब 60,941 रुपये प्रति माह बैठती है। यानी करीब 61 हजार रुपये की मासिक आय हो सकती है।
- इस स्थिति में मूल फंड करीब 1.03 करोड़ रुपये बना रह सकता है और ब्याज से रेगुलर इनकम प्राप्त की जा सकती है, बशर्ते लागू PPF नियम और ब्याज दरें समान रहें।
PPF में सालाना 1.5 लाख रुपये तक निवेश
- PPF में एक वित्त वर्ष में अधिकतम 1.5 लाख रुपये निवेश किया जा सकता है। आयकर नियमों के तहत PPF में किया गया निवेश धारा 80C के तहत निर्धारित सीमा के भीतर टैक्स छूट के लिए पात्र हो सकता है।
- इसके अलावा PPF पर मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी पर मिलने वाली रकम भी टैक्स-फ्री होती है। इसी वजह से PPF को निवेश, ब्याज और मैच्योरिटी तीनों स्तरों पर टैक्स लाभ वाली योजना के रूप में देखा जाता है।
- PPF में निवेश की शुरुआत सिर्फ 500 रुपये से की जा सकती है। इसलिए यह योजना नौकरीपेशा लोगों के साथ-साथ गृहिणियों और छोटे कारोबार से जुड़े लोगों के लिए भी उपयोगी हो सकती है।
PPF का लॉक-इन पीरियड कितना है?
PPF का मूल लॉक-इन पीरियड 15 साल है। सामान्य स्थिति में इस अवधि से पहले पूरा पैसा निकालने की अनुमति नहीं होती। हालांकि, PPF नियमों के तहत खाते के 7 साल पूरे होने के बाद कुछ शर्तों के साथ आंशिक निकासी की सुविधा मिलती है। इसमें निर्धारित सीमा और नियम लागू होते हैं। 15 साल पूरे होने के बाद अगर आप खाता जारी रखना चाहते हैं, तो इसे हर 5 साल के ब्लॉक में एक्सटेंड किया जा सकता है। आप एक्सटेंशन के दौरान बिना नए निवेश के भी खाते को जारी रख सकते हैं या नए निवेश के साथ इसे आगे बढ़ा सकते हैं।
PPF में 1.5 लाख से ज्यादा निवेश क्यों नहीं कर सकते?
PPF में एक वित्त वर्ष में अधिकतम 1.5 लाख रुपये का निवेश किया जा सकता है। अगर कोई व्यक्ति इससे ज्यादा रकम जमा करता है, तो अतिरिक्त राशि पर PPF के तहत ब्याज और टैक्स लाभ नहीं मिलता। इसलिए लंबे समय के निवेश की योजना बनाते समय PPF की सालाना निवेश सीमा को ध्यान में रखना जरूरी है।
कौन खोल सकता है PPF अकाउंट?
कोई भी व्यक्ति अपने नाम से किसी पोस्ट ऑफिस या बैंक में PPF अकाउंट खोल सकता है। इसके अलावा नाबालिग के नाम पर भी PPF अकाउंट खोला जा सकता है। नाबालिग की ओर से उसके अभिभावक या पात्र व्यक्ति खाते को संचालित कर सकते हैं। PPF लंबे समय के लिए सुरक्षित निवेश और रिटायरमेंट फंड तैयार करने के लिहाज से लोकप्रिय विकल्प है। हालांकि, निवेश करने से पहले मौजूदा ब्याज दर, टैक्स नियम और PPF के लागू नियमों को जरूर देखना चाहिए।


