बिजनेस डेस्क। प्राइवेट सेक्टर का यस बैंक गंभीर वित्तीय संकट का सामना कर रहा है। अब यह एफपीओ (FPO) के जरिए पूंजी जुटाएगा। सरकार ने इस साल 13 मार्च  को यस बैंक के लिए बेलआउट प्लान की मंजूरी दी थी। बैंक ने  गुरुवार को बताया कि उसने अनुवर्ती सार्वजनिक निर्गम (FPO) में फ्रेश इक्विटी शेयर के जरिए 15,000 करोड़ रुपए तक जुटाने के लिए हेरिंग प्रॉस्पेक्टर जमा किया है। बैंक का FPO 15 जुलाई को खुलेगा और 17 जुलाई 2020 को बंद होगा। बता दें कि इस हफ्ते की शुरुआत में ही बैंक के निदेशक मंडल की समिति ने इसके लिए मंजूरी दी थी। सरकार की बेलआउट योजना के तहत यस बैंक को 10 हजार करोड़ रुपए 8 वित्तीय संस्थानों से मिले थे। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने भी इसमें 6050 करोड़ रुपए का निवेश किया था। 

FPO 15 हजार करोड़ रुपए का
यस बैंक ने बताया है कि  FPO का ऑफर साइज 15 हजार करोड़ रुपए का है। बैंक ने एक नियामकीय फाइलिंग में बताया है कि FPO के लिए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्ट्स 7 जुलाई 2020 (RHP) को कंपनी रजिस्ट्रार, महाराष्ट्र के पास फाइल किया गया था। इसमें नए इक्विटी शेयर जारी होंगे, जिसमें 200 करोड़ रुपए तक का कर्मचारियों के लिए आरक्षित हिस्सा भी शामिल होगा। यस बैंक ने कहा है कि बैंक के निदेशक मंडल की समिति की बैठक 10 जुलाई, 2020 या उसके बाद होगी, जिसमें प्राइस बैंड और और डिस्काउंट पर विचार किया जाएगा। बीएसई पर यस बैंक के शेयरों में गुरुवार को शुरुआती कारोबार के दौरान ही 2 फीसदी से ज्यादा की तेजी देखी गई।

एसबीआई करेगा 1,760 करोड़ तक का निवेश 
भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने बुधवार को कहा कि उसके केंद्रीय बैंक की कार्यकारी समिति ने यस बैंक के अनुवर्ती सार्वजनिक निर्गम (एफपीओ) में 1,760 करोड़ रुपए तक के अधिकतम निवेश के लिए मंजूरी दे दी है। इससे पहले यस बैंक ने मंगलवार को कहा था कि उसे बैंक के निदेशक मंडल की पूंजी जुटाने वाली समिति से एफपीओ के जरिए पूंजी जुटाने की अनुमति मिल गई है। एसबीआई ने शेयर बाजार को दी गई सूचना में कहा है कि यस बैंक ने 7 जुलाई को शेयर बाजारों को पूंजी जुटाने के बारे में जानकारी दी। इसके अनुसार, एसबीआई के केंद्रीय निदेशक मंडल की कार्यकारी समिति ने 8 जुलाई, 2020 को बैठक में यस बैंक लिमिटेड के अनुवर्ती सार्वजनिक निर्गम में 1,760 करोड़ रुपए तक के निवेश की मंजूरी दे दी है।