नई दिल्ली. रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने लगातार चौथी बार रेपो रेट में 0.35 फीसदी कटौती की है। उन्होंने 2018 में उर्जित पटेल के जाने के बाद रिजर्व बैंक के गवर्नर का पदभार संभाला था। उनके 9 महीने के कार्यकाल में मॉनिटरी पॉलिसी की चार बैठकें हो चुकी हैं। इन चारों बैठकों में उन्होंने रेपो रेट के कट का ऐलान किया है। मॉनिटरी पॉलिसी की बैठक हर दो महीने में की जाती है। इसकी अगली बैठक 4 अक्टूबर को होगी। 

अब हो गई इतने फीसदी रेपो रेट

रेपो रेट में 0.35 फीसदी की कटौती के बाद अब 5.75 फीसदी से घटकर 5.40 फीसदी और रिवर्स रेपो रेट 5.50 फीसदी से घटकर 5.15 फीसदी हो गई है। इसके अलावा RBI ने कई ऐलान भी किए हैं।

24 घंटे कर सकेंगे NEFT

RBI ने ऐलान किया है कि अब लोग दिसंबर 2019 से NEFT की सेवा 24 घंटे ले सकेंगे। वर्तमान में NEFT की टाइमिंग सुबह 8 बजे से शाम 7 बजे के बीच है। शनिवार को ये दोपहर 8 बजे से 1 बजे तक ही होता है। इसके अलावा गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि रियल टाइम पेमेंट फ्रॉड मॉनिटरिंग की व्यवस्था बनेगी। फ्रॉड रिपोर्टिंग के लिए सेंट्रल पेमेंट फ्रॉड रजिस्ट्री बनेगी जिससे ग्राहकों के पेमेंट फ्रॉड में गए पैसे दिलाने में आसानी होगी।

रिस्क वेटेज में हुई कमी

लोन पर रिस्क वेटेज घटा दिया गया है। इससे कर्ज देना आसान हो गया है।  डिमांड बढ़ाने के लिए कंज्यूमर लोन पर कम रिस्क वेटेज रखा गया है। अब जोखिम कवर के लिए रिस्क वेटेज 125% से घटकर  100 % कर दी गई है। हालांकि क्रेडिट कार्ड के  लिए रिस्क वेटेज में राहत नहीं है।

बिलपेयर्स को भारत बिल पेमेंट सिस्टम के तहत लाएगा

रिजर्व बैंक ने कहा, वह प्रीपेड रीचार्जेस को छोड़कर सभी बिलपेयर्स को भारत बिल पेमेंट सिस्टम (BBPS) के तहत ले आएगा। BBPS के तहत फिलहाल डीटीएच, इलेक्ट्रिसिटी, गैस, टेलिकॉम और पानी के बिल आते हैं। उम्मीद की जा रही है कि सितंबर महीने के अंत तक आरबीआई इससे जुड़ी सभी जानकारी साझा करेगा।