Recuring Deposit (RD) में एक किस्त छूटने पर बैंक आमतौर पर खाता बंद नहीं करता, पर ₹100 पर ₹1.50 प्रतिमाह पेनाल्टी लगती है। शेट्टी के मुताबिक कई मामलों में 5–6 महीने की बकाया किस्तें जमा कर आरडी नियमित हो सकती है, जबकि करीब 6 महीने लगातार मिस पर खाता अनियमित/समय से पहले बंद हो सकता है।
Recurring Deposit: हर महीने एक तय रकम जमा करके बचत करने के लिए Recurring Deposit (RD) को आसान विकल्प माना जाता है। इसमें ग्राहक को तय तारीख पर हर महीने किस्त जमा करनी होती है। लेकिन कई बार आर्थिक परेशानी, बैंक खाते में पर्याप्त बैलेंस न होने या किसी अन्य वजह से किस्त समय पर जमा नहीं हो पाती। ऐसी स्थिति में आमतौर पर पहली ही चूक पर RD खाता बंद नहीं होता, लेकिन बैंक बकाया किस्त पर पेनाल्टी वसूल सकता है। हालांकि, अगर लगातार कई महीनों तक किस्त जमा नहीं की जाती, तो RD खाते की स्थिति अनियमित हो सकती है। कुछ परिस्थितियों में बैंक खाते को समय से पहले बंद भी कर सकता है। इससे मैच्योरिटी पर मिलने वाली रकम और ब्याज पर असर पड़ सकता है।
एक किस्त छूट जाए तो बैंक क्या करता है?
अगर किसी महीने RD की किस्त जमा नहीं हो पाती, तो बैंक आमतौर पर खाते को तुरंत बंद नहीं करता। ग्राहक को बकाया किस्त जमा करने का मौका दिया जाता है। हालांकि, देरी की अवधि के लिए बैंक के नियमों के मुताबिक पेनाल्टी लग सकती है। कई बैंकों में पेनाल्टी किस्त की रकम और देरी की अवधि के आधार पर तय होती है। उदाहरण के लिए, कुछ योजनाओं में हर 100 रुपये की मासिक किस्त पर करीब 1.50 रुपये प्रति माह की दर से विलंब शुल्क लगाया जा सकता है। यानी 10,000 रुपये की किस्त एक महीने देर से जमा करने पर करीब 150 रुपये का शुल्क बन सकता है। हालांकि, वास्तविक चार्ज बैंक और RD योजना की शर्तों पर निर्भर करेगा।
कितनी देरी तक RD को नियमित किया जा सकता है?
एक किस्त छूटने के बाद ग्राहक बकाया किस्त और लागू पेनाल्टी जमा करके खाते को नियमित कर सकता है। लेकिन इसके लिए तय समय-सीमा हर बैंक में अलग हो सकती है।कुछ मामलों में बैंक कई महीनों तक छूटी हुई किस्तों को पेनाल्टी के साथ जमा करने की अनुमति देते हैं। इसलिए किस्त छूटते ही बैंक की शाखा, मोबाइल बैंकिंग या संबंधित RD नियमों से यह पता करना जरूरी है कि खाते को नियमित करने के लिए कितनी समय-सीमा उपलब्ध है।
लगातार किस्तें नहीं भरने पर क्या होगा?
अगर ग्राहक लगातार कई महीनों तक RD की किस्त जमा नहीं करता, तो बैंक खाते को अनियमित मान सकता है। लंबे समय तक भुगतान नहीं होने पर बैंक के नियमों के मुताबिक RD को बंद या समय से पहले समाप्त किया जा सकता है। ऐसी स्थिति में ग्राहक आगे की मासिक किस्तें जमा नहीं कर पाएगा। खाते में जमा रकम के निपटान और उसे सेविंग अकाउंट में ट्रांसफर करने की प्रक्रिया भी बैंक की शर्तों के अनुसार हो सकती है।
समय से पहले RD बंद होने पर कितना नुकसान?
RD को तय अवधि पूरी होने से पहले बंद करने पर मिलने वाला ब्याज मैच्योरिटी तक RD चलाने की स्थिति से अलग हो सकता है। बैंक जमा रकम को खाते में वास्तव में जितने समय तक रखा गया है, उसके आधार पर ब्याज की गणना कर सकता है। इसके अलावा, कुछ बैंकों में समय से पहले RD बंद करने पर अलग चार्ज या कम ब्याज दर लागू हो सकती है। इसलिए लगातार किस्तें मिस करने से सिर्फ पेनाल्टी ही नहीं, बल्कि मैच्योरिटी पर मिलने वाली कुल रकम पर भी असर पड़ सकता है।
किस्त छूट जाए तो क्या करें?
अगर RD की किस्त समय पर जमा नहीं हो पाई है, तो इसे लंबे समय तक नजरअंदाज करने के बजाय जल्द से जल्द बैंक से संपर्क करें। बकाया किस्त, पेनाल्टी, खाते की स्थिति और नियमितीकरण की अंतिम तारीख की जानकारी लें। ध्यान रखें कि RD के नियम सभी बैंकों में एक जैसे नहीं होते। पेनाल्टी, किस्त जमा करने की अतिरिक्त अवधि, ब्याज और प्रीमैच्योर क्लोजर के नियम बैंक तथा संबंधित RD योजना के अनुसार अलग हो सकते हैं।
