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लैपटॉप मोबाइल के ज्यादा इस्तेमाल से बुढ़ापे का शिकार बन रहे हैं लोग, रिसर्च में खुलासा

 रोजमर्रा की जिन्दगी में बढ़ती नवीन तकनीकी ने काम आसान तो किए हैं, लेकिन साथ में कई मुश्किलों को भी साथ ले आई है। हाल ही में हुए एक रिसर्च में इस बात की पूष्टी की गई है कि ब्लू किरणों से नींद न आना, हमेशा के लिए आंखों की रोशनी चली जाना, उम्र में एकाएक बढ़ोतरी जैसे कई भयानक परिणाम देखने को मिल सकती है।

report says; If you are spent lot of time on Laptop-Mobile be serious you gonna old before time
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New Delhi, First Published Nov 7, 2019, 5:38 PM IST
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नई दिल्ली. स्मार्टफोन, लैपटॉप और होम अप्लायंसेज जैसी डिजिटल डिवाइसों से निकलने वाली ब्लू किरणें आपको समय से पहले बूढ़ा बना सकती है। इसके अलावा मस्तिष्क पर इसका बेहद बुरा प्रभाव पड़ता है। इन किरणों से आप हमेशा के लिए आखों की रोशनी गवां सकते हैं। इसके अलावा नींद न आना जैसी गंभीर समस्या से भी ग्रसित हो सकते हैं। हाल ही में हुए मधु मक्खियों पर एक रिसर्च से ये बात सामने निकल कर आयी है। एजिंग ऐंड मेकैनिज्म्स ऑफ डिजीज जर्नल में छपे रिपोर्ट के मुताबिक LED से निकलने वाली प्रकाश आंखों की पुतलियों और मस्तिष्क को गहरा नुकसान पहुचा रही है।

मक्खियों पर हुआ रिसर्च

दरअसल, वैज्ञानिकों ने कॉमन फ्रूट फ्लाई ड्रोसॉफिला मेलानोगैस्टर नामक मक्खी पर रिसर्च किया है, जिनकी सेलुलर और डेवेलपमेंटल मेकैनिज्म अन्य जानवरों और इंसानों जैसी ही पाई जाती है। इसमें कई चौकाने वाली बाते सामने आईं हैं।  पहली कि LED के प्रकाश में इन मक्खियों की उम्र सामान्य से कई गुना तेज बढ़ी है। इनके देखने की क्षमता बुरी तरह से प्रभावित हुई। 

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रिसर्च का रिजल्ट

इस रिसर्च को लीड कर रहीं प्रो. Jaga Giebultowicz का कहना है कि LED से निकलने वाले प्रकाश से मक्खियों के उम्र में तेजी से बढ़ोतरी आई, जो काफी हैरान कर देने वाली बात थी। दरअसल में LED के प्रकाश के स्पेक्ट्रम से मक्खियों को भारी नुकसान हुआ। उनके मस्तिष्क और देखने की क्षमता में बुरी तरह नुकसान हुआ। इन मक्खियों को 12 घंटे तक ब्लू LED लाइट में एक्सपोज किया, जिसकी वेवलेंथ होम अप्लायंसेज से निकलने वाली ब्लू लाइट के बराबर थी। उन्होंने मक्खियों पर उस लाइट के असर की पड़ताल की तो पाया कि लाइट से उनकी उम्र बढ़ने की रफ्तार तेज हो गई।

क्या है बचाव

 प्रो. Giebultowicz का कहना है कि ज्यादा समय तक अंधेरे में बैठे रहना हमारे लिए खतरनाक होता है, इससे हमें बचना चाहिए। ब्लू किरणों से बचने के लिए हमें एंबर लेंस वाले चश्मे का यूज करना चाहिए। जो हमारी आंखों की सुरक्षा करे और रेटीना को होने वाले नुकसान से बचाए। मोबाइल फोन, कंप्यूटर और अन्य डिवाइसेज में ब्यू एमिशन को ब्लॉक भा किया जा सकता है।   

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खास बातें

सच बात तो ये है कि नई तकनीकी ने हमारे जीवन में अपनी दखल तो बढ़ा ली है लेकिन कई मुसिबतों को भी साथ में लेकर आये हैं। इसमें LED बल्ब, ट्यूबलाइट और एंटरटेनमेंट डिवाइसेज शामिल हैं।  इलेक्ट्रिसिटी ने हमारी जिंदगी को आसान और खुशहाल तो बनाया है, लेकिन ऐसे ही गैजट्स से आने वाली रोशनी हमारी सेहत को बुरी तरह नुकासान पहुंचा रही हैं।
 

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