सेबी ने डीमैट रूप में रखी म्यूचुअल फंड यूनिट्स के लिए SWP और STP की सुविधा शुरू की है। यह सुविधा पहले उपलब्ध नहीं थी। इस कदम का उद्देश्य निवेशकों के लिए कारोबार को आसान बनाना है, जिसे दो चरणों में लागू किया जाएगा।
मुंबई (महाराष्ट्र) [भारत], 17 जुलाई (एएनआई): भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने शुक्रवार को डीमैट रूप में म्यूचुअल फंड यूनिट रखने वाले निवेशकों के लिए सिस्टमैटिक विद्ड्रॉल प्लान (SWP) और सिस्टमैटिक ट्रांसफर प्लान (STP) के लिए स्थायी निर्देश (standing instructions) बनाने की सुविधा बढ़ा दी है। यह सुविधा पहले उपलब्ध नहीं थी। इस कदम का उद्देश्य कारोबार करने में आसानी लाना है।
सेबी ने कहा कि म्यूचुअल फंड निवेशक वर्तमान में म्यूचुअल फंड या उसके रजिस्ट्रार और ट्रांसफर एजेंट (आरटीए) के पास एक निश्चित संख्या में म्यूचुअल फंड यूनिट्स या एक निश्चित राशि की समय-समय पर निकासी (redemption) के लिए स्थायी निर्देश देकर SWP सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।
निवेशक एक म्यूचुअल फंड की एक स्कीम से निवेश को उसी म्यूचुअल फंड की दूसरी स्कीम में ट्रांसफर करने के लिए भी स्थायी निर्देश बनाकर STP सुविधा का उपयोग कर सकते हैं। यह एक स्कीम से निकासी और दूसरी में निवेश के जरिए होता है।
सेबी ने कहा, "म्यूचुअल फंड निवेशक म्यूचुअल फंड या उसके आरटीए के पास एक निश्चित संख्या में म्यूचुअल फंड यूनिट्स या राशि की समय-समय पर निकासी के लिए स्थायी निर्देश देकर SWP की सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।"
हालांकि, बाजार नियामक ने यह भी बताया कि SWP और STP के लिए ऐसे स्थायी निर्देश डीमैट रूप में रखी गई म्यूचुअल फंड यूनिट्स के लिए उपलब्ध नहीं थे।
डिपॉजिटरी से मिले ज्ञापनों, सेबी द्वारा गठित एक कार्य समूह की सिफारिशों और सेबी की द्वितीयक बाजार सलाहकार समिति की सिफारिशों को ध्यान में रखते हुए, नियामक ने इस सुविधा को डीमैट रूप में रखी गई म्यूचुअल फंड यूनिट्स तक बढ़ाने का फैसला किया है।
दो चरणों में लागू होगी सुविधा
सेबी ने कहा कि इस सुविधा का कार्यान्वयन दो चरणों में किया जाएगा।
पहले चरण में, निवेशक यूनिट-आधारित SWP और STP के लिए स्थायी निर्देश बना सकेंगे। इसके तहत, निकासी के लिए या उसी म्यूचुअल फंड की दूसरी स्कीम की यूनिट्स खरीदने के लिए एक निश्चित संख्या में म्यूचुअल फंड यूनिट्स को एक तय फ्रीक्वेंसी पर रिडीम किया जाएगा।
दूसरे चरण में, इस सुविधा को राशि-आधारित SWP और STP तक बढ़ाया जाएगा, जहां एक तय फ्रीक्वेंसी पर एक निश्चित राशि का भुगतान करने या उसी म्यूचुअल फंड की दूसरी स्कीम की यूनिट्स खरीदने के लिए स्थायी निर्देश बनाए जा सकते हैं।
डिपॉजिटरी की भूमिका और समय-सीमा
नियामक ने इस ढांचे को लागू करने के लिए डिपॉजिटरी को नोडल सुविधा प्रदाता के रूप में कार्य करने का निर्देश दिया है। डिपॉजिटरी को 31 जनवरी, 2027 तक पहला चरण और 30 अप्रैल, 2027 तक दूसरा चरण लागू करने के लिए कहा गया है।
सेबी ने डिपॉजिटरी को 31 अक्टूबर, 2026 तक इस सुविधा को शुरू करने के लिए अपनी वेबसाइटों पर संयुक्त रूप से एक मानक ढांचा प्रकाशित करने का भी निर्देश दिया है। उन्हें अपने उप-नियमों, नियमों और विनियमों में आवश्यक संशोधन करने, जरूरी सिस्टम बदलाव करने और सर्कुलर के प्रावधानों को अपनी वेबसाइटों पर प्रसारित करने के लिए भी कहा गया है।
सेबी के अनुसार, इस सर्कुलर के प्रावधान तत्काल प्रभाव से लागू होंगे।
नियामक ने कहा कि यह सर्कुलर प्रतिभूतियों में निवेशकों के हितों की रक्षा करने और प्रतिभूति बाजार के विकास और विनियमन को बढ़ावा देने के लिए जारी किया गया है। (एएनआई)
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