बिजनेस डेस्क। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने वित्तीय लेन-देन (Financial Transaction) की गति तेज करने के लिए अमेरिका के जेपी मॉर्गन (JP Morgan) के साथ एक समझौता किया है। इसके तहत ब्लॉकचेन (Blockchain) टेक्नीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे विदेशों में ट्रांजैक्शन की स्पीड बढ़ जाएगी और कस्टमर्स को काफी सुविधा होगा। ब्लॉकचेन तकनीक में तेजी से ट्रांजैक्शन होता है और समय की भी काफी बचत होती है। फिलहाल, फॉरेन पेमेंट्स में पूछताछ और जानकारी लेने में ही करीब 15 दिन लग जाते है, लेकिन ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने पर यह काम कुछ घंटों में ही हो जाएगा। स्टेट बैंक के इस समझौते से बहुत कम समय में विदेशों में पेमेंट संभव हो सकेगा।

ब्लॉकचेन अपनाने वाला देश का पहला बैंक
बता दें कि एसबीआई ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी को अपनाने वाला देश का पहला बैंक है। एसबीआई इंटरनेशनल बैंकिंग ग्रुप के डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर वेंकेट नागेश्वकर ने कहा है कि इस नेटवर्क पर लाइव जाने वाला एसबीआई देश का पहला बैंक बनने जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमने अपने क्लाइंट्स को बेहतर नेटवर्क सर्विस मुहैया कराने के लिए इस एप्लिकेशन को अपनाया हैं। इससे जेपी मॉर्गन के साथ हमारा रिश्ता भी बेहतर होगा।

क्या है ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी
ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी वित्तीय संस्थानों, कॉरपोरेट्स और फाइनेंशियल कंपनियों के लिए पियर-टू-पियर नेटवर्क है। इससे यूजर्स को आपस में बेहद तेज, नियंत्रित और सिक्योर तरीके से डेटा ट्रांसफर करने की सुविधा मिलती है। इससे क्रॉस बॉर्डर पेमेंट के दौरान किसी तरह का जोखिम भी नहीं रह जाता। दुनिया के करीब 100 बैंक इस नेटवर्क का इस्तेमाल कर रहे हैं। कई प्राइवेट और सरकारी लेंडर्स भी जेपी मॉर्गन के साथ इस नेटवर्क पर जुड़ने के लिए प्लान तैयार कर रहे हैं। 

क्या कहना है ब्लॉकचेन एक्सपर्ट्स का 
ब्लॉकचेन एक्सपर्ट्स का कहना है कि चीन और अफ्रीका सहित दुनिया के कई देशो के बैंक क्रॉस-बॉर्डर लेन-देन के लिए ब्लॉकचेन बेस्ड क्लियरेंस सिस्टम्स को अपना रहे हैं। इससे इन बैंकों का पेमेंट सिस्टम ठीक रहने के साथ-साथ कम खर्च में तेजी से पेमेंट्स हो रहा है। इस तकनीक के लिए दो प्राइवेट बैंक भी जेपी मॉर्गन से बातचीत चला रहे हैं। इन बैंकों का मुख्यालय मुंबई में है।