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कोरोना संकट में भी कर्मचारियों को देगी बोनस, 15 हजार लोगों को बहाल करेगी यह कंपनी

कोरोना महामारी का असर कारोबार जगत पर बहुत खराब पड़ा है। कई कंपनियों को लॉकडाउन की वजह से भारी घाटा हुआ है। इसलिए कई कंपनियां कर्मचारियों की छंटनी भी कर रही है या सैलरी में कटौती कर रही हैं। लेकिन देश की सॉफ्टवेयर कंपनियों में अहम स्थान रखने वाली एचसीएल टेक्नोलॉजी इस संकट के समय में भी अपने कर्मचारियों को बोनस देगी।

This company will give bonus to employees even in this time of crisis and recruit 15 thousand people MJA
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New Delhi, First Published May 24, 2020, 10:05 AM IST
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बिजनेस डेस्क। कोरोना महामारी का असर कारोबार जगत पर बहुत खराब पड़ा है। कई कंपनियों को लॉकडाउन की वजह से भारी घाटा हुआ है। इसलिए कई कंपनियां कर्मचारियों की छंटनी भी कर रही है या सैलरी में कटौती कर रही हैं। लेकिन देश की सॉफ्टवेयर कंपनियों में अहम स्थान रखने वाली एचसीएल टेक्नोलॉजी इस संकट के समय में भी अपने कर्मचारियों को बोनस देगी। कंपनी का कहना है कि कोरोना महामारी का असर उसके कारोबार पर पड़ा है, लेकिन वह कर्मचारियों की सैलरी में कोई कटौती नहीं करेगी।

डेढ़ लाख कर्मचारी हैं एचसीएल में
देश की तीसरी सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी एचसीएल टेक्नोलॉजी में डेढ़ लाख कर्मचारी हैं। कंपनी के चीफ ह्यूमन रिसोर्स ऑफिसर अप्पाराव वीवी का कहना है कि कंपनी कर्मचारियों की सैलरी में कोई कटौती नहीं करेगी, बल्कि उन्हें पिछले साल का बोनस भी देगी। गौरतलब है कि इन्फोसिस, विप्रो, टीसीएस, डब्लूएनएस जैसी आईटी-बीपीएम सेक्टर की कई कंपनियों ने कर्मचारियों की सैलरी बढ़ोत्तरी रोक दी है और प्रमोशन भी टाल दिए हैं। इसके पीछे उन्होंने कोरोना की वजह से बाजार में अनिश्चिचतता के माहौल को कारण बताया है। 

15 हजार नई बहालियां करेगी एचसीएल
एचसीएल सिर्फ बोनस ही नहीं दे रही, बल्कि उसने 15 हजार नए कर्मचारियों की बहाली की जो घोषणा की थी, उसे भी अमल में लाएगी। कंपनी के चीफ ह्यूमन रिसोर्स ऑफिसर अप्पाराव वीवी ने कहा कि अभी तक कोई भी प्रोजक्ट कैंसल नहीं हुआ है, यह अलग बात है कि नए प्रोजेक्ट नहीं आ रहे हैं, लेकिन भविष्य के लिए बेहतर संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि अभी 5 हजार लोगों की बहाली की जा रही है। अप्पाराव का कहना है कि कंपनी पर ट्रांसपोर्टेशन और मैन्यूफैक्चरिंग को लेकर कुछ दबाव है, लेकिन फिर भी कर्मचारियों के सालाना अप्रेजल को लेकर जुलाई के आसपास फैसला किया जाएगा। 

वर्क फ्रॉम होम का मिला बढि़या नतीजा
अप्पाराव ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान पिछले महीने कर्मचारियों की प्रोडक्टिविटी में 16-17 फीसदी की वृद्धि हुई है। इससे पता चलता है कि वर्क फ्रॉम होम की नीति कारगर रही है। कंपनी अपने 50 फीसदी कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम की योजना पर काम कर रही है। बता दें कि पिछले 5 वर्षों के दौरान 5 टॉप आईटी कंपनियों में एचसीएल बहुत ही तेजी से आगे बढ़ी है। 

 

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