गिरती बिक्री से निपटने के लिए शराब कंपनियां 2026 फीफा वर्ल्ड कप में भारी निवेश कर रही हैं। वे स्पॉन्सरशिप के जरिए 48 टीमों वाले इस बड़े टूर्नामेंट के दौरान अपनी बिक्री बढ़ाने की उम्मीद कर रही हैं।
एक तरफ जहां दुनिया भर के करोड़ों फुटबॉल फैंस 2026 फीफा वर्ल्ड कप का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, वहीं एक और ग्रुप है जिसकी नजरें इस खेल पर टिकी हैं। ये हैं दुनिया की सबसे बड़ी शराब बनाने वाली कंपनियां। अमेरिका समेत कई देशों में पिछले कुछ समय से शराब की बिक्री में बड़ी गिरावट देखी जा रही है। CNN की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस संकट से उबरने के लिए बड़ी बीयर और शराब कंपनियां वर्ल्ड कप स्पॉन्सरशिप और विज्ञापनों पर करोड़ों डॉलर खर्च कर रही हैं।

अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको में होने वाला 2026 फीफा वर्ल्ड कप इतिहास का सबसे बड़ा टूर्नामेंट होगा। इसमें 48 टीमें हिस्सा लेंगी और छह हफ्तों में 104 मैच खेले जाएंगे। कंपनियों का मानना है कि यह माहौल बीयर, वाइन और दूसरी शराब की बिक्री के लिए एक बड़ा बूस्ट साबित हो सकता है।
डियाजियो के लिए 'करो या मरो' की स्थिति
शराब की दिग्गज कंपनी डियाजियो के लिए यह वर्ल्ड कप बेहद अहम है। हाल ही में कंपनी की नॉर्थ अमेरिका में कमाई 9% और अमेरिका में स्पिरिट्स (तेज शराब) की बिक्री 15% तक गिर गई। इसकी मुख्य वजह कंपनी के पॉपुलर ब्रांड 'कासामिगोस टकीला' की डिमांड में कमी आना है। इस संकट से निपटने के लिए डियाजियो ने इतिहास में पहली बार फीफा की ऑफिशियल स्पिरिट स्पॉन्सर बनने का करार किया है।
यह वर्ल्ड कप के इतिहास में पहली बार होगा जब स्टेडियम और फैन फेस्टिवल में आधिकारिक तौर पर स्पिरिट्स बेचने की इजाजत मिलेगी। डियाजियो इस सुनहरे मौके का इस्तेमाल अपने टॉप ब्रांड्स जैसे 'बुकानेन्स स्कॉच व्हिस्की', 'डॉन जूलियो 1942' और 'कासामिगोस' को लाखों फैंस तक पहुंचाने के लिए करेगी।
बीयर कंपनियों की भी बड़ी तैयारी
लोगों का गैर-जरूरी खर्चों में कटौती करना और कॉकटेल व नॉन-अल्कोहलिक ड्रिंक्स की तरफ झुकाव बीयर बाजार पर भी असर डाल रहा है। एनह्यूसर-बुश इनबेव, जो पिछले 40 सालों से फीफा की ऑफिशियल बीयर स्पॉन्सर है, इस बार अपने सबसे पॉपुलर ब्रांड 'मिकेलोब अल्ट्रा' को आगे रखकर मैदान में उतर रही है। कंपनी उन बारों पर फोकस कर रही है, जहां फैंस एक साथ बैठकर मैच देखते हैं और वहां बड़े पैमाने पर प्रमोशन की तैयारी है।
वहीं, हाइनेकेन ऑफिशियल स्पॉन्सर न होने के बावजूद बार में विज्ञापनों के लिए अपना बजट 200% तक बढ़ा चुकी है। मिल्सन कूर्स ने भी फुटबॉल पर केंद्रित अपने विज्ञापनों का बजट 60% बढ़ा दिया है। इसके अलावा, कंपनी नॉन-अल्कोहलिक ड्रिंक्स के बढ़ते ट्रेंड को देखते हुए अपनी नॉन-अल्कोहलिक बीयर 'कूर्स 0।0%' को भी इस टूर्नामेंट के जरिए प्रमोट कर रही है।
