NCERT Social Science Book: NCERT ने अपनी 9वीं क्लास की नई सोशल साइंस की किताब में भारत के गुमनाम शूरवीरों और रानियों की बहादुरी के किस्से शामिल किए हैं। उल्लाल की रानी अब्बक्का और कुमार कंपन जैसे महान योद्धाओं की कहानी अब बच्चे पढ़ेंगे। इस बदलाव का मकसद छात्रों को भारत के असली इतिहास और महिला नेतृत्व से रूबरू कराना है।
Rani Abbakka History: नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) ने 9वीं क्लास की नई सोशल साइंस की किताब में एक बड़ा बदलाव किया है। इतिहास के पन्नों में गुम हो चुके भारत के महान योद्धाओं और वीर रानियों की शौर्य गाथाओं को अब इस किताब में जगह मिली है। नए एकेडमिक सेशन के लिए आई इस किताब का नाम 'अंडरस्टैंडिंग सोसाइटी: इंडिया एंड बियॉन्ड - पार्ट 2' है। इसमें युद्ध की पुरानी परंपराओं के साथ-साथ कर्नाटक पर राज करने वाले कई महान शासकों का खास तौर पर जिक्र किया गया है।
उल्लाल की रानी अब्बक्का और कुमार कंपन का शौर्य
आज के दक्षिण कन्नड़ जिले के उल्लाल पर राज करने वाली रानी अब्बक्का चौटा की कहानी इस किताब में बताई गई है। रानी अब्बक्का ने पुर्तगालियों की ताकतवर नौसेना को धूल चटा दी थी। विदेशी ताकतों के हमलों को नाकाम करते हुए उन्होंने अपने राज्य की संप्रभुता और समुद्री व्यापार के अधिकारों की रक्षा की थी। उनके इस कड़े विरोध को भारतीय इतिहास का एक अहम पड़ाव माना गया है।
किताब में कर्नाटक के विजयनगर साम्राज्य के राजकुमार कुमार कंपन का भी जिक्र है। उन्होंने तमिलनाडु के मदुरै सुल्तानों के खिलाफ एक बड़ा युद्ध जीता था। ऐसा माना जाता है कि यह जीत उन्हें देवी के आशीर्वाद से मिली एक दिव्य तलवार की बदौलत मिली थी। इसी तरह, छत्रपति शिवाजी महाराज को भी श्री तुलजा भवानी से एक तलवार आशीर्वाद के रूप में मिली थी। बस्तर रियासत के राजा अन्नमराज ने भी देवी माणिकेश्वरी (दंतेश्वरी) से तलवार लेकर युद्ध लड़ा था। इन सभी ऐतिहासिक घटनाओं को NCERT ने अपनी नई किताब में शामिल किया है।
भारत की वीर रानियों की शौर्य गाथा
किताब के 'रेजिस्टेंस एंड रेजिलिएंस' (प्रतिरोध और लचीलापन) नाम के चैप्टर में बताया गया है कि कैसे 7वीं सदी से भारत पर हुए विदेशी हमलों का हमारे शासकों ने डटकर सामना किया।
रानी नायकी देवी: साल 1178 ईस्वी में माउंट आबू के पास कसह्रदा में एक भयंकर युद्ध हुआ था। इसमें चालुक्य/सोलंकी साम्राज्य की रानी नायकी देवी ने क्रूर हमलावर मुहम्मद गौरी को बुरी तरह हराया था। इस ऐतिहासिक घटना को किताब में प्रमुखता से बताया गया है।
रानी रुद्रमा देवी: काकतीय वंश की मशहूर शासक रुद्रमा देवी ने दिल्ली के सुल्तानों को कड़ी टक्कर दी थी। उनके इस कड़े प्रतिरोध को भी याद किया गया है।
हिंदू शाही, चंदेल और चौहान: तुर्की हमलावरों के खिलाफ इन राजवंशों ने जो मजबूत मोर्चा खोला था, उसका भी जिक्र इस किताब में मिलता है।
इसके अलावा मुगलों और सुल्तानों को चुनौती देने वाली कई और घटनाओं को भी शामिल किया गया है। इतिहास के कुछ ऐसे दुर्लभ किस्से भी हैं, जिनके बारे में कम ही लोग जानते हैं।
मुथु वीरप्पा नायक: मदुरै के नायक राजा मुथु वीरप्पा ने मुगलों के दरबार से सम्मान के तौर पर भेजी गई जूतियों के सामने झुकने से साफ इनकार कर दिया था। उन्होंने अपना पैर उन जूतियों में डालकर अपने स्वाभिमान का परिचय दिया था। यह दिलचस्प कहानी भी छात्रों को पढ़ने को मिलेगी।
जिंजी (सेंजी) किला: तमिलनाडु के जिंजी किले पर विजयनगर के नायकों, बीजापुर के सुल्तानों, मुगलों, मराठों, फ्रांसीसियों और अंग्रेजों ने लगातार कब्जा किया था। किताब में बताया गया है कि इस ऐतिहासिक किले को यूनेस्को (UNESCO) ने विश्व धरोहर स्थल घोषित किया है।
सिलेबस में महिला नेतृत्व पर खास जोर
NCERT अपनी सोशल साइंस की किताबों में महिला नेताओं की भूमिका को काफी अहमियत दे रहा है। इसी साल की शुरुआत में 8वीं क्लास की 'एक्सप्लोरिंग सोसाइटी: इंडिया एंड बियॉन्ड' नाम की किताब आई थी। इसमें गढ़ा/गोंड राज्य की वीर रानी दुर्गावती के शासन और उनकी बहादुरी के बारे में बताया गया था। साथ ही 'मजबूत मराठा महिलाएं' टॉपिक के तहत मराठा साम्राज्य की वीर रानी ताराबाई और मालवा की शासक अहिल्याबाई होल्कर के शानदार योगदान को भी शामिल किया गया था।
अब 9वीं क्लास की इस नई किताब के जरिए छात्रों को भारत के असली इतिहास और महिलाओं की बहादुरी से रूबरू कराने की एक बड़ी और शानदार कोशिश की गई है।
