EPS Scheme Certificate: नौकरी बदलते समय EPFO स्कीम सर्टिफिकेट लेना ज़रूरी है। यह EPS के तहत आपकी पेंशन सेवा का रिकॉर्ड है, जो पुरानी सर्विस को नई नौकरी से जोड़कर आपके पेंशन लाभ सुरक्षित करता है। इससे पेंशन की गिनती शून्य से शुरू नहीं होती।
PF Transfer Rules: जब हम नौकरी बदलते हैं तो कई बातों का ध्यान रखते हैं। पीएफ अकाउंट ट्रांसफर कराना, रिलीविंग लेटर लेना और दूसरी फॉर्मेलिटी पूरी करने की जल्दी में रहते हैं। लेकिन इस भाग-दौड़ में हम एक बहुत जरूरी डॉक्युमेंट लेना अक्सर भूल जाते हैं- EPFO स्कीम सर्टिफिकेट। सच तो यह है कि नौकरी बदलते समय कोई भी अपने रिटायरमेंट के बारे में ज्यादा नहीं सोचता। लेकिन इस सर्टिफिकेट को लेना भूलना आपके लिए एक बड़ी गलती साबित हो सकती है।

अगर आप एम्प्लॉइज पेंशन स्कीम (EPS) में योगदान करते हैं, तो यह स्कीम सर्टिफिकेट आपकी सालों की मेहनत से जमा हुए पेंशन फायदों को सुरक्षित रखने के लिए बेहद जरूरी है। भविष्य में जब आप पेंशन क्लेम करेंगे, तो यह डॉक्युमेंट आपके बहुत काम आएगा। यह इस बात का पक्का सबूत है कि आपने कितने साल पेंशन फंड में पैसा जमा किया है। इसमें आपके परिवार के योग्य सदस्यों की जानकारी भी होती है। आसान भाषा में कहें तो यह एक तरह का पेंशन रिकॉर्ड है। अगर आप पेंशन के लिए योग्य होने से पहले ही EPF के दायरे में आने वाली नौकरी छोड़ देते हैं, तो यह सर्टिफिकेट आपकी पुरानी सर्विस को बेकार जाने से बचाता है। बाद में जब आप पेंशन के हकदार बनेंगे तो इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।
नौकरी बदलते समय यह डॉक्युमेंट क्यों जरूरी है?
करियर में लोग कई बार नौकरियां बदलते हैं। कुछ लोग नौकरी से ब्रेक लेकर अपना काम शुरू कर देते हैं या फिर ऐसी कंपनी में चले जाते हैं जहां EPF की सुविधा नहीं होती। ऐसे में कई लोग गलती से यह मान लेते हैं कि सिर्फ पीएफ बैलेंस ही मायने रखता है।
स्कीम सर्टिफिकेट EPS के तहत पूरी की गई आपकी सर्विस की अवधि को बचाए रखने में मदद करता है। जब आप बाद में किसी ऐसी कंपनी में नौकरी शुरू करते हैं जहां EPF कटता है, तो पेंशन की गिनती के लिए आपकी पुरानी सर्विस को नई सर्विस के साथ जोड़ा जा सकता है। यानी, आपको पेंशन के लिए अपनी सर्विस फिर से जीरो से शुरू नहीं करनी पड़ती; आप वहीं से आगे बढ़ सकते हैं जहां आपने छोड़ा था।
