शर्मिला की फिल्मों की बात करें तो उन्होंने कश्मीर की कली, अनुपमा, एन ईवनिंग इन पेरिस, आराधना, सुहाना सफर, अमर प्रेम, छोटी बहू, दाग, चुपके चुपके, अमानुष, बेशरम, नमकीन, देश प्रेमी, आशिक अवारा, मन, धड़कन, विरुद्ध और एकलव्य जैसी फिल्मों में काम किया है। 

मुंबई। करीना कपूर की सास और सैफ अली खान की मां शर्मिला टैगोर का कहना है कि लोग वास्तविक जीवन में भले ही किसी को रोते न देखना चाहें लेकिन पर्दे पर उन्हें किरदारों को आंसू बहाते देखना अच्छा लगता है। एक निजी कार्यक्रम में पहुंचीं शर्मिला टैगोर ने कहा कि बॉलीवुड फिल्मों का इमोशनल एंगल दर्शकों को सीधे तौर पर प्रभावित करता है। शर्मिला ने कहा- हमारे फैमिली मेंबर्स, फ्रेंड और यहां तक कि मरीजों का इलाज करने वाले डॉक्टरों को भी लोगों की आंखों में आंसू देखना अच्छा नहीं लगता। लेकिन जहां तक हमारे दर्शकों की बात है तो उन्हें पर्दे पर आंसू देखना पसंद है।''

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शर्मिला ने किया एक पॉपुलर सीन का जिक्र : 
शर्मिला टैगोर ने 1972 में आई अपनी फिल्म 'अमर प्रेम' के एक पॉपुलर सीन का जिक्र भी किया, जिसमें राजेश खन्ना उनसे कहते हैं 'पुष्पा, मुझसे ये आंसू नहीं देखे जाते, आई हेट टीयर्स'। शर्मिला ने कहा कि दर्शकों को आंसू अच्छे लगते हैं, वरना फिल्म एक दिन भी नहीं चलती। बता दें कि ‘अमर प्रेम’ में शर्मिला के अपोजिट राजेश खन्ना ने काम किया था।

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सास को 'अम्मा' कहकर बुलाती हैं करीना
करीना कपूर अपनी सास शर्मिला टैगोर को 'अम्मा' कहकर ही बुलाती हैं। दरअसल, सैफ अपनी मां को अम्मा कहकर ही पुकारते हैं। यही वजह है कि करीना भी उन्हें इसी नाम से बुलाती हैं। 'अम्मा' दरअसल मां का तमिल रूप है। करीना अपनी सास को अपनी मां बबीता की तरह ही मानती हैं। करीना कहती हैं- अम्मा एक लीजेंडरी स्टार हैं। वो पटौदी की रियल बेगम हैं। मैं उनकी बहुत बड़ी फैन हूं।

इन फिल्मों में काम कर चुकीं शर्मिला टैगोर : 
शर्मिला की फिल्मों की बात करें तो उन्होंने कश्मीर की कली, अनुपमा, एन ईवनिंग इन पेरिस, आराधना, सुहाना सफर, अमर प्रेम, छोटी बहू, दाग, चुपके चुपके, अमानुष, बेशरम, नमकीन, देश प्रेमी, आशिक अवारा, मन, धड़कन, विरुद्ध और एकलव्य जैसी फिल्मों में काम किया है।