मुंबई. भारत रत्न से सम्मानित सुर कोकिला कही जाने वाली सिंगर लता मंगेशकर का जन्म 28 सितंबर, 1929 को एक मध्यमवर्गीय मराठा परिवार में हुआ। वो शनिवार को अपना 90वां जन्मदिन सेलिब्रेट कर रही हैं। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में जन्मीं लता पंडित दीनानाथ मंगेशकर की बेटी हैं। लता का पहले नाम 'हेमा' था, मगर जन्म के पांच साल बाद माता-पिता ने इनका नाम 'लता' रख दिया था। सुरों की मल्लिका और मोहम्मद रफी इंडस्ट्री में काफी अच्छे दोस्त माने जाते हैं। लेकिन एक बार ऐसा हो गया कि लता ने रफी से करीब साढ़े तीन साल बात नहीं की थी। 

आखिर क्या था वो किस्सा ?

मोहम्मद रफी और लता मंगेशकर की झगड़े की बात का किस्सा 60 के दशक का है। उस वक्त लता ने अपनी फिल्मों में गाना गाने के लिए रॉयल्टी लेना शुरू कर दिया था क्योंकि उनका मानना था कि सभी गायकों को रॉयल्टी मिलनी चाहिए। लेकिन किसी ने उनकी बात नहीं सुनी और उन्होंने एचएमवी के लिए रिकॉर्ड करना बंद कर दिया। ज्यादातर गायक लता का साथ दे रहे थे लेकिन मोहम्मद रफी को उनकी बात नामंजूर थी। इसके बाद रफी ने गुस्से में आकर लता से कह दिया कि वो उनके साथ गाना नहीं गाएंगे। उनकी इस बात पर लता ने पलट कर जवाब दिया, 'आप ये तकलीफ मत करिए मैं ही नहीं गाऊंगी आपके साथ।' इसके बाद लता ने संगीतकारों को फोन करके कह दिया कि वो रफी साहब के साथ गाने नहीं गाएंगी। इस तरह से दोनों का झगड़ा करीब साढ़े तीन साल तक चला और दोनों ने एक-दूसरे बात नहीं की।     

रफी के बेटे ने दी थी कोर्ट में घसीटने की धमकी 

2012 में एक बार अमर गायक मुहम्‍मद रफी के बेटे शाहिद रफी ने लता मंगेशकर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की धमकी दी थी। दरअसल, एक इंटरव्यू में लता ने रफी के साथ नाराजगी को लेकर कहा था कि इस झगड़े को म्यूजिक डायरेक्टर जयकिशन की मदद से सुलझा लिया गया था और लता का कहना था कि रफी ने उनसे लिखित में माफी मांगी थी। इसके बाद उनके इस बयान पर रफी के बेटे शाहिद भड़क गए। उन्होंने कहा कि लता के दावे से उन्‍हें और रफी साहब के फैंस को गहरा सदमा लगा है और इसके लिए वह उन्‍हें कोर्ट में घसीट सकते हैं।