कोरिया (छत्तीसगढ़). लॉकडाउन के बीच एक मार्मिक तस्वीर छत्तीसगढ़-मध्य प्रदेश बार्डर पर देखने को मिली। जहां एक बेटा बीमार पिता का इलाज कराने के लिए पुलिसवालों के सामने हाथ जोड़ता रहा। लेकिन उनका दिल नहीं पसीजा और बुजुर्ग की वहीं मौत हो गई।

बेटा हाथ जोड़ता रहा, लेकिन पुलिसकर्मियों ने नहीं खोला बैरिगेट
दरअसल, यह घटना मंगलवार को कोरिया जिले के घुटरी टोला बैरियर पर देखने को मिली। जहां मध्य प्रदेश उमारिया जिले के रहने वाले एसईसीएल में मैनेजर नीलेश मिश्रा अपने भाई राकेश और मां के साथ अपने 78 साल के बुजुर्ग पिता केशव प्रसाद का इलाज कराने के लिए कार से बिलासपुर जा रहे थे। लेकिन, बैरियर पर तैनात पुलिसकर्मियों ने उनको जाने नहीं दिया। दोनों भाई करीब दो घंटे तक कर्मचारियों के सामने हाथ जोड़कर मिन्नतें करते रहे। सर जाने दो, पापा की तबीयत बहुत सीरियस है, दिक्कत हो जाएगी। लेकिन, पुलिसवालों ने उनकी एक नहीं सुनी। आखिरी में बुजुर्ग को कार में ही हार्टअटैक आ गया और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

ई-पास देखने के बाद भी पुलिसवालों ने नहीं दी अनुमति
जानकारी के मुताबिक, जैसे ही पीड़ित परिवार छत्तीसगढ़ बॉर्डर की घुटरी टोला पहुंचे तो पुलिस ने उनकी कार को रोक लिया और अंदर नहीं जाने दिया। इस पर नीलेश मिश्रा ने वहां पर तैनात पुलिसवालों को  जारी ई-पास भी दिखाया, लेकिन उन्हें अंदर प्रवेश नहीं करने दिया।

रोते हुए बेटे बोले-सोचा नहीं था बीच रास्ते में पिता छोड़ जाएंगे
मृतक के बेटे नीलेश ने कहा-हम सभी पिता जी से हंसते-मुस्कुराते हुए बात करते आ रहे थे। हमने सोचा था जल्द ही उनका इलाज करवाकर कल तक वापस आ जाएंगे। लेकिन सरकारी सिस्टम में सब बर्बाद कर दिया, मुझसे मेरे पिता की जिंदगी छीन ली। हम लोग बिलासपुर जा रहे थे, जहां एसईसीएल का मनेंद्रगढ़ आमाखेरवा में अस्पताल है।

प्रशासन ने दी यह सफाई
प्रशासन के मुतबिक, छत्तीसगढ़ में रेड जोन राज्यों से आने वाले लोगों पर रोक है। अगर वह फिर भी आते हैं तो उनके लिए स्पेशल अनुमति की जरूरत होती है। जहां से वह आ रहे हैं उस पास  के साथ-साथ जहां जा रहे हैं वहां के पास की भी जरूरत पड़ती है।