छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव के लिये मतदान सोमवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच होगा।

रायपुर. छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव के लिये मतदान सोमवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच होगा। उपचुनाव में कुल नौ उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। इस साल अप्रैल में नक्सल हमले में मौजूदा भाजपा विधायक भीमा मंडावी की मौत के बाद यहां चुनाव की आवश्यकता पड़ी। राज्य में मुख्य विपक्षी भाजपा इस सीट को बरकरार रखने के लिये चुनाव लड़ेगी। यह सीट अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवारों के लिये सुरक्षित है।

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18 हजार सुरक्षाकर्मी तैनात 
राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी सुब्रत साहू ने यहां रविवार को पत्रकारों को बताया, दंतेवाड़ा में मुक्त एवं निष्पक्ष उपचुनाव आयोजित करने के लिये सभी तैयारियां कर ली गयी हैं। उन्होंने बताया, मतदान सुबह सात बजे से दिन में तीन बजे तक होगा। उपचुनाव के लिये पुख्ता सुरक्षा इंतजाम किये गये हैं। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि अर्धसैनिक बलों समेत करीब 18,000 सुरक्षा कर्मियों को नक्सल प्रभावित विधानसभा क्षेत्र में तैनात किया गया है। यह इलाका बस्तर क्षेत्र का हिस्सा है।

ड्रोन कैमरे से रखेंगे नजर 
उन्होंने बताया कि इसके अलावा ड्रोन से भी नक्सलियों की गतिविधियों पर नजर रखी जायेगी खासकर मतदान केंद्रों एवं सुरक्षा बलों के शिविर के पास के इलाकों में विशेष नजर रखी जायेगी। उन्होंने बताया कि करीब 1,302 मतदान कर्मी पहले ही अपने-अपने संबंधित मतदान केंद्रों के लिये रवाना हो चुके हैं।दोनों प्रमुख पार्टियों ने ऐसे उम्मीदवारों को चुनाव मैदान में उतारा है जो नक्सल हिंसा के पीड़ित रह चुके हैं।

नक्सली हमले के पीड़ित हैं भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशी 
कांग्रेस ने इस सीट से वरिष्ठ कांग्रेस नेता महेंद्र करमा की पत्नी देवती करमा को भाजपा की ओजस्वी मांडवी के खिलाफ चुनाव मैदान में उतारा है। वर्ष 2013 में झीरम घाटी में नक्सलियों के हमले में महेंद्र करमा की मौत हो गयी थी जबकि ओजस्वी नक्सली हमले में मारे गये भाजपा नेता भीमा मांडवी की पत्नी हैं। 2018 के विधानसभा चुनाव में देवती करमा भीमा मांडवी से 2,172 मतों के अंतर से हार गयी थीं।
[यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है]