छत्तीसगढ़ पुलिस ने पिछले डेढ़ साल से फरार चल रहे पूर्व आबकारी अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया है। उस पर 5000 करोड़ रुपए के घोटाले का आरोप है। पूर्व ओसडी समुंद्र सिंह पर 10 हजार रुपए का इनाम रखा गया था। यह घोटाला शराब ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के लिए किया गया था। EOW (आर्थिक अनुसंधान शाखा) की टीम ने अप्रैल 2019 ने उसके कई ठिकानों पर छापा मारा था।

रायपुर, छत्तीसगढ़. शराब ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने करीब 5000 करोड़ रुपए का घोटाला करने वाले आबकारी विभाग के पूर्व अधिकारी को पुलिस ने आखिरकार गिरफ्तार कर लिया। यह अधिकारी पिछले डेढ़ साल से फरार था। विभाग के पूर्व ओसडी समुंद्र सिंह पर 10 हजार रुपए का इनाम रखा गया था। बता दें कि EOW (आर्थिक अनुसंधान शाखा) की टीम ने अप्रैल 2019 ने उसके कई ठिकानों पर छापा मारा था। गिरफ्तारी के समय आरोपी बीमार निकला। उसे एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ACB और EOW की संयुक्त टीम ने गुरुवार सुबह समुंद्र सिंह को उसके बोरियाकला स्थित मकान से पकड़ा। 

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यह है पूरा मामला...
समुंद्र सिंह को पकड़ने पांच टीमें बनाई गई थीं। ये अलग-अलग जगहों पर सर्चिंग कर रही थीं। तभी पुलिस को सूचना मिली कि समुंद्र सिंह रायपुर स्थित अपने मकान में छिपा हुआ है। बता दें कि EOW की टीम ने अप्रैल 2019 में समुंद्र सिंह के ठिकानों पर छापा मारा था। तभी से यह फरार था। तब उसके रायपुर, बिलासपुर और बोरियाकला सहित 8 ठिकानों पर छापामारी की कार्रवाई की गई थी। आरोपी राज्य में सरकार बदलते ही इस्तीफा सौंपकर गायब हो गया था।

कांग्रेस नेता ने की थी शिकायत
समुंद्र सिंह के खिलाफ कांग्रेस नेता नितिन भंसाली ने मुख्यमंत्री और EOW से शिकायत की थी। भंसाली ने 119 पेज के दस्तावेजों के साथ 22 फरवरी 2019 को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और EOW शिकायत सौंपी थी। इसमें कहा गया कि भाजपा शासनकाल के दौरान करीब 9 वर्षों तक समुंद्र सिंह संविदा में आबकारी विभाग में OSD रहे। इस दौरान यह घोटाला किया गया।