कृषि कानूनों के विरोध में किसान संगठनों और विपक्षी दलों के भारत बंद कर मिलाजुला असर देखने को मिला अगर बात सिर्फ छत्तीसगढ़ की करें, तो यहां कांग्रेस नेताओं को दुकान-ठेले बंद कराने हाथ तक जोड़ने पड़े। कई जगह दुकानें पूरी तरह बंद रहीं, तो कई बाजारों में दुकानदार आधी शटर बंद करके खड़े रहे। कांग्रेसी और किसान नेता सुबह से ही बाजार बंद कराते देखे गए।

फोटो साभार-दैनिक भास्कर 

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रायपुर, छत्तीसगढ़. केंद्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ मंगलवार को किए गए भारत बंद का मिलाजुला असर दिखाई दिया। खासकर कांग्रेस शासित राज्यों में नेता सुबह से बंद की अपील करते देखे गए। अगर बात सिर्फ छत्तीसगढ़ की करें, तो यहां कांग्रेस नेताओं को दुकान-ठेले बंद कराने हाथ तक जोड़ने पड़े। कई जगह दुकानें पूरी तरह बंद रहीं, तो कई बाजारों में दुकानदार आधी शटर बंद करके खड़े रहे। कांग्रेसी और किसान नेता सुबह से ही बाजार बंद कराते देखे गए। पहली तस्वीर रायपुर की है। यहां संसदीय सचिव विकास उपाध्याय एक ठेले वाले से हाथ जोड़कर बंद की अपील करते देखे गए। सुबह 6 बजे से ही कांग्रेस के बड़े नेता सड़कों पर उतर आए थे। छत्तीसगढ़ में छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज, छत्तीसगढ़ ऑटो यूनियन, रायपुर बस्तर परिवहन संघ, समस्त ट्रेड यूनियन, छत्तीसगढ़ ट्रक एसोसिएशन, छत्तीसगढ़ पेट्रोल एवं डीजल यूनियन के अलावा कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, सीपीआई, सीपीआईएम, सीपीआईएमएल, जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ आदि ने बंद का समर्थन किया था।

यह तस्वीर रायपुर की है। यहां प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ट्रैक्टर पर भारत बंद कराने निकले।

यह रहा हाल...
-राजधानी रायपुर में पेट्रोल पंप और दवाइयों की दुकानें खुली रहीं। कई बाजारों में दुकानें खुली रहीं।
-बिलासपुर में व्यापारियों ने बाजार बंद का विरोध किया था। लिहाजा कांग्रेसियों को बाजार बंद कराने में पसीना छूट गया।
-धमतरी में कांग्रेस नेताओं को जबरन दुकानें बंद कराते देखा गया। हालांकि यहां दुकानदारों ने आधी शट ही बंद की।
-राजनांदगांव में मेयर हेमा देशमुख और शहर कांग्रेस अध्यक्ष कुलवीर छाबड़ा बाजार बंद कराने सड़क पर उतरे।
-महासमुंद में आम आदमी पार्टी के नेता बंद कराने उतरे। यहां चेंबर ऑफ कॉमर्स ने बंद का समर्थन किया था।