पाकिस्तान के मुख्य कोच और मुख्य चयनकर्ता मिसबाह उल हक ने चेताया कि अगर टेस्ट मैच को चार दिवसीय कर दिया जाता है तो तेज गेंदबाजों की चोटों का जोखिम भी बढ़ जायेगा। 

कराची. पाकिस्तान के मुख्य कोच और मुख्य चयनकर्ता मिसबाह उल हक ने चेताया कि अगर टेस्ट मैच को चार दिवसीय कर दिया जाता है तो तेज गेंदबाजों की चोटों का जोखिम भी बढ़ जायेगा। इस तरह वह भी उन खिलाड़ियों की सूची में शामिल हो गये जिन्होंने आईसीसी के पारंपरिक प्रारूप में छेड़छाड़ के प्रस्ताव का विरोध किया था। मिस्बाह ने कहा कि चार दिन के मैच में तेज गेंदबाजों पर प्रेशर बढ़ जाएगा और चोट के साथ-साथ उनकी गति भी कम हो जाएगी। इसके चलते इन गेंदबाजों की गेंदबाजी भी पहले जैसी धारदार नहीं रहेगी।

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मिसबाह ने पीसीबी की वेबसाइट पर जारी वीडियो में कहा, "एक तेज गेंदबाज अब एक पारी में आमतौर पर 17 से 18 ओवर तक गेंदबाजी करता है लेकिन अगर चार दिन का टेस्ट हो जायेगा तो उसके ऊपर गेंदबाजी का भार बढ़ जायेगा जो 20 से 25 ओवर तक हो जायेगा। इससे उसके चोटिल होने का जोखिम बढ़ जायेगा और सबसे अहम बात ज्यादा ओवर गेंदबाजी करने से उसकी गेंदबाजी की धार भी कम हो जायेगी।"

उन्होंने कहा, "लोग मिशेल स्टार्क, नसीम शाह, कमिंस, जसप्रीत बुमराह जैसे गेंदबाजों को पूरी रफ्तार में गेंदबाजी करते हुए देखना चाहते हैं। अगर उन्हें ज्यादा ओवर गेंदबाजी करनी होगी तो उनकी रफ्तार में कमी आयेगी।"

भारतीय कप्तान विराट कोहली, महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर और आस्ट्रेलिया के महान क्रिकेटर रिकी पोंटिंग और स्टीव वॉ इस प्रस्ताव का विरोध कर चुके हैं।

(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)