अब यजुवेंद्र चहल ने कहा है कि लार पर बैन का असर स्पिनर्स पर भी पड़ेगा। उधर, कोरोना की वजह से बीसीसीआई ने श्रीलंका और जिम्बाब्वे का दौरा स्थगित कर दिया है। इसी महीने श्रीलंका के साथ सीरीज प्रस्तावित था। 

स्पोर्ट्स डेस्क। कोरोना वायरस की वजह से आईसीसी ने हाल ही में क्रिकेट के कई नियमों में बदलाव की घोषणा की थी। इसमें से एक यह भी था कि मैच के दौरान खिलाड़ी गेंदों पर लार नहीं लगा सकते। खिलाड़ियों की सुरक्षा के लिए ये प्रतिबंध लगाने पड़े हैं। हालांकि इसे लेकर तेज गेंदबाजों में निराशा है। अब यजुवेंद्र चहल ने कहा है कि लार पर बैन का असर स्पिनर्स पर भी पड़ेगा। उधर, कोरोना की वजह से बीसीसीआई ने दो दौरे स्थगित कर दिए हैं। 

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

नहीं मिलेगी ड्रिफ्ट 
चहल ने ईएसपीएन क्रिक इन्फो से कहा, "लार से तेज गेंदबाजों को स्विंग में मदद मिलती है। मगर इससे स्पिनरों को भी ड्रिफ्ट पाने में मदद मिलती है। इससे तेज गेंदबाजों की तरह स्पिनर्स भी प्रभावित होंगे।" चहल के मुताबिक बैन की वजह से बल्लेबाजों को आसानी होगी। लेकिन गेंदबाज इसका कोई न कोई रास्ता निकाल लेंगे। 

ड्रिफ्ट क्रिकेट का शब्द है। धीमी गति से फेंकी गई गेंद के लिए हवा के बहाव से स्पिन हासिल करना ही ड्रिफ्ट कहा जाता है।

स्थगित हुआ टीम इंडिया का दौरा 
उधर, कोरोना की वजह से टीम इंडिया ने श्रीलंका और जिम्बाब्वे टूर स्थगित कर दिया है। बीसीसीआई ने एक प्रेस रिलीज में कहा कि कोरोना के ऐसे भयावह दौर में सीरीज खेलना व्यावहारिक नहीं है। इस स्थिति में टीम को विदेशी टूर पर नहीं भेजा जा सकता। टीम इंडिया को इसी महीने 24 जून से श्रीलंका में तीन एक दिवसीय और तीन टी-20 मैच खेलने थे। टीम इंडिया का जिम्बाब्वे दौरा 22 अगस्त से था। जिम्बाब्वे टूर में 3 मैचों की वनडे सीरीज होना प्रस्तावित था। 

ट्रेनिंग कैंप को लेकर क्या कहा 
बोर्ड ने यह भी कहा कि ट्रेनिंग कैंप पर फैसला स्थितियों के सही होने के बाद लिया जाएगा। बोर्ड के मुताबिक इस बारे में पहले ही बताया गया था कि जब तक चीजें ठीक नहीं हो जातीं खिलाड़ियों के लिए ट्रेनिंग कैम्प नहीं लगाया जा सकता।