विराट कोहली न्यूजीलैंड दौरे में अपनी फॉर्म को लेकर परेशान नहीं हैं और उनका मानना है कि इस पर बहुत अधिक सोचने से उनके दिमाग पर अनावश्यक बोझ ही बढ़ेगा। न्यूजीलैंड का दौरा हाल के समय में पहला ऐसा विदेशी दौरा है जिसमें कोहली का बल्ला नहीं चल पाया है।

वेलिंगटन. विराट कोहली न्यूजीलैंड दौरे में अपनी फॉर्म को लेकर परेशान नहीं हैं और उनका मानना है कि इस पर बहुत अधिक सोचने से उनके दिमाग पर अनावश्यक बोझ ही बढ़ेगा। न्यूजीलैंड का दौरा हाल के समय में पहला ऐसा विदेशी दौरा है जिसमें कोहली का बल्ला नहीं चल पाया है। उन्होंने तीनों प्रारूपों की नौ पारियों में केवल एक अर्धशतक लगाया है। कोहली ने टी20 की चार पारियों में 45, 11, 38, 11, तीन वनडे मैचों में 51, 15, 09 और पहले टेस्ट मैच में 02 और 19 रन बनाये।

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कोहली से पूछा गया कि वह खुद के बल्लेबाजी प्रदर्शन का आकलन कैसे करते हैं, उन्होंने कहा, ‘‘मैं पूरी तरह से ठीक हूं। मैं वास्तव में अच्छी बल्लेबाजी कर रहा हूं। मुझे लगता है कि कई बार स्कोर आपके बल्लेबाजी करने के तरीके को नहीं दर्शाता और ऐसा तब हो सकता है जब आप उस काम को अंजाम तक नहीं पहुंचा पाते जिसे आप अच्छा करना चाहते हैं।’’ 

तीन चार पारियों में असफलता चिंता का विषय नहीं 
दुनिया के व्यस्ततम क्रिकेटरों में से एक कोहली ने कहा कि तीन चार पारियों में असफलता चिंता का कारण नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘देखिये जब आप बहुत अधिक क्रिकेट खेलते हो और आप इतने लंबे समय तक खेलते हो तो निश्चित तौर पर बीच में तीन चार पारियां आपके अनुकूल नहीं होती हैं। अगर आप इस बारे में बहुत अधिक सोचते हो तो इससे नुकसान ही होगा।’’ 

कोहली के लिए मायने नहीं रखती लोगों की राय 
वह इस बात को तवज्जो नहीं देते कि लोग हार को लेकर कैसी प्रतिक्रिया करते हैं और यही सिद्वांत वह अपनी बल्लेबाजी को लेकर चल रही चर्चा पर भी लागू करते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मैं जानता हूं कि एक अच्छी पारी से बाहर से हो रही प्रतिक्रियाएं बदल जाएंगी। लेकिन मैं ऐसा नहीं सोचता। अगर मैं बाहरी लोगों की तरह सोचने लगा तो संभवत: इस समय मैं बाहर होता। ’’