दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने शनिवार को अपने 54 उम्मीदवार की पहली लिस्ट जारी कर दी है और बाकी बची 16 सीटों पर एक रणनीति के तहत नाम घोषित नहीं किए हैं कांग्रेस ने दिल्ली में पूर्वांचली वोटर को साधने के लिए बिहार की लालू प्रसाद यादव की पार्टी आरजेडी से पैठ किया है

नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने शनिवार को अपने 54 उम्मीदवार की पहली लिस्ट जारी कर दी है और बाकी बची 16 सीटों पर एक रणनीति के तहत नाम घोषित नहीं किए हैं। कांग्रेस ने दिल्ली में पूर्वांचली वोटर को साधने के लिए बिहार की लालू प्रसाद यादव की पार्टी आरजेडी से पैठ किया है। आरजेडी को कांग्रेस दिल्ली में चार सीटें दे सकती है।

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दिल्ली की सियासत में पूर्वांचली 30 फीसदी वोटर करीब 15 से 20 सीटों पर प्रभावित करते हैं। कांग्रेस के पूर्वांचली चेहरा माने जाने वाले महाबल मिश्रा के बेटे ने आम आदमी पार्टी ज्वाइन कर लिया है और द्वारका से चुनाव भी लड़ रहे हैं। ऐसे में कांग्रेस ने आरजेडी से साथ मिलकर चुनाव लड़ने की रणनीति बनाई हैं।

सूत्रों की मानें को कांग्रेस पार्ची दिल्ली की बुराड़ी, करावल नगर, पालम और उत्तम नगर की सीटें आरजेडी को दी हैं। हालांकि आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने आठ सीटों का डिमांड रखा था, लेकिन चार सीटों पर सहमित बनी हैं। दिल्ली की जो चार सीटें आरजेडी के खाते में गई हैं वहां 38 फीसदी से लेकर 47 फीसदी के करीब पूर्वांचली वोटर हैं। दिल्ली में आरजेडी एक सीट पर पहल जीत भी दर्ज कर चुकी है।

पूर्वांचली बहुल सीटें

दिल्ली में सबसे ज्यादा किराड़ी विधानसभा सीट पर 47 फीसदी पूर्वांचली वोचर हैं। इसके अलावा बुराड़ी में 44 फीसदी, उत्तम नगर में 42 फीसदी, संगम विहार में 40, बादली में 38 फीसदी, गोकलपुर में 36 फीसदी, मटियाला 35 फीसदी, द्वारका में 34 और नांगलोई में करीब 32 फीसदी लोग पूर्वांचल मतदाता हैं। इनके अलावा करावल नगर, विकासपुरी, सीमापुरी जैसे इलाकों में पूर्वांचलियों वोटर निर्णायक भूमिका में है।

(फाइल फोटो)