दिल्ली विधानसभा की मंगोल पुरी सीट (Mangol Puri assembly constituency) सुरक्षित सीट है। इसे 1993 में बनाया गया था। यह नार्थ वेस्ट दिल्ली लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। कांग्रेस के कैंडिडेट 4 बार इस सीट से प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।

नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा की मंगोल पुरी सीट (Mangol Puri assembly constituency) सुरक्षित सीट है। इसे 1993 में बनाया गया था। यह नार्थ वेस्ट दिल्ली लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। कांग्रेस के कैंडिडेट 4 बार इस सीट से प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। इस बार आप की राखी बिडलान ने जीत दर्ज की। बीजेपी को अपना कैंडिडेट बदलने का फायदा नहीं हुआ और करम सिंह कर्मा दूसरे नंबर पर रहे।

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पहली बार कांग्रेस ने बीजेपी को दी थी मात
साल 1993 में बनी इस सीट पर मुख्य मुकाबला कांग्रेस और बीजेपी के बीच था। जिसपर कांग्रेस के राजकुमार ने बीजेपी के सोरन सिंह को 7,663 वोटों से हराया था। राजकुमार को कुल 21,344 और सोरन सिंह को 13,681 वोट मिले थे।

आप ने कांग्रेस के विजय रथ पर लगाई थी ब्रेक
2013 के विधानसभा चुनाव में आप ने पिछले 4 बार लगातार जीतते आ रही कांग्रेस के विजय रथ पर ब्रेक लगाया था। आप की राखी बिडलान ने 44,383 वोटों के साथ जीत दर्ज की थी। जबकि कांग्रेस के राजकुमार 33,798 वोट के साथ दूसरे नंबर और बीजेपी के राम किशोर 31,232 वोटों के साथ तीसरे नंबर पर रहे थे। 2015 के चुनाव में भी आप की राखी बिडलान ने जीत का सिलसिला जारी रखा और 60,534 वोटों के साथ विजयी रहीं। जबकि कांग्रेस के राजकुमार 37,835 और बीजेपी के सुरजीत को 27,889 वोट से संतोष करना पड़ा।

मंगोलपुरी दिल्ली के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में पड़ता है। यह एक जाट बहुल गांव था। यहां डागर समुदाय के लोग भी काफी संख्या में रहते हैं। इसका शहरीकरण 1980 के दशक में हुआ। बाद में यहां प्रवासी लोग भी रहने लगे। अब यह क्षेत्र काफी विकसित हो चुका है और यहां थ्री-स्टार होटल तक हैं। यहां अच्छे बाजार हैं। यहां जूतों की फैक्टरियां भी हैं। यहां सौंदेश्वरी मंदिर, महामाया दुर्गा मंदिर और श्री विष्णु धाम मंदिर है। यहां स्थित मदीना मस्जिद काफी प्राचीन बताया जाता है।